राजस्व परिषद ने नौ जनवरी 2020 को जौहर ट्रस्ट के द्वितीय अपील को खारिज कर दिया। राजस्व परिषद में आदेश खारिज होने के बाद गुरुवार को जिला प्रशासन ने जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचकर चकरोड की जमीन की पैमाइश शुरू कर दी है। पैमाइश कराने पहुंचे एसडीएम सदर पीपी तिवारी ने बताया कि कमिश्नर के आदेश और राजस्व परिषद में अपील खारिज होने के बाद चकरोड की जमीन की पैमाइश शुरू कराई गई है। अभी चार गाटा संख्या की जमीन की पैमाइश पूरी पाई है, शुक्रवार को भी पैमाइश कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि चकरोड की जमीन पर कुछ बिल्डिंग भी बनी हो सकती हैं। पैमाइश पूरी होने के बाद यह साफ हो पाएगा।
जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह ने कहा कि चकरोड सार्वजनिक उपयोग की जमीन है। गलत तरीके से इसका विनिमय किया गया था। इस संबंध में कमिश्नर की कोर्ट का फैसला आ चुका है। राजस्व परिषद में द्वितीय अपील भी खारिज हो रही है। इसके बाद जौहर यूनिवर्सिटी में चकरोड की जमीन की पैमाइश कराई जा रही है। पैमाइश शुक्रवार को भी जारी रहेगी। अगर चकरोड की जमीन पर कोई निर्माण मिला तो उसे भी खाली कराया जाएगा। ,
आज हो सकती है बड़ी कार्रवाई
चकरोड की जमीन को कब्जे लेने के मामले में शुक्रवार को जिला प्रशासन की ओर से बड़ी कार्रवाई की जा सकती है। अधिकारियों को संकेत दिया है कि चकरोड की जमीन पर कोई निर्माण मिला तो उसे भी हटा दिया जाएगा। अगर जौहर यूनिवर्सिटी की किसी बिल्डिंग या दीवार को हटाने की कार्रवाई हुई तो यह अब तक सबसे बड़ी कार्रवाई होगी।