बिलारी। तमिलनाडु में भगवान कार्तिकेय मंदिर संबंधी विवाद पर आए फैसले में संबंधित न्यायाधीश के खिलाफ महाभियोग लाने वालों पर कुमारतनय वैश्य महिला संगठन ने कार्रवाई की मांग उठाई है।
मंगलवार सुबह कुमारतनय वैश्य महिला संगठन की अनेक पदाधिकारी तहसील कार्यालय पहुंची और एसडीएम विनय कुमार सिंह के माध्यम से देश राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया कि तमिलनाडु स्थित भगवान कुमार कार्तिकेय मंदिर में पारम्परिक दीपोत्सव से जुड़े मामले में माननीय उच्च न्यायालय में अत्यंत संतुलित और संवैधानिक और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा करने वाला निर्णय दिया है। यह निर्णय हिंदू समाज की परम्पराओं, आस्थाओं और अनुच्छेद 25 के मूलभाव के अनुरूप है। खेद का विषय है कि कुछ राजनीतिक दल संबंधित न्यायाधीश के निर्णय को गलत होना बताकर उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की मांग उठा रहे हैं। न्यायाधीश के खिलाफ महाभियोग लाने वालों पर कार्रवाई किया जाना जरूरी है।
ज्ञापन में मांग की गई कि न्यायामूर्ति श्री स्वामीनाथन को जरूरी सुरक्षा प्रदान की जाए। इस निर्णय का विरोध करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, भगवान कुमार कार्तिकेय मंदिर और अन्य हिंदू धार्मिक स्थलों पर रीति रिवाज और पूजा पद्धति के आयोजन के लिए सरकार द्वारा उचित दिशा निर्देश जारी किए जाएं। धार्मिक कार्यक्रम को राजनीतिक रंग देने और न्यायिक निर्णय को राजनीतिक उददेश्य से प्रभावित करने के प्रयासों पर पूरा अंकुश लगाया जाए। देश भर के हिंदू समाज की भावनाओं को देखते हुए केंद्र सरकार उचित कदम उठाए।
ज्ञापन देने वालों में कुमारतनय वैश्य महिला संगठन बिलारी की अध्यक्ष प्रज्ञा गुप्ता, मंत्री सीमादीप गुप्ता, कोषाध्यक्ष गीता गुप्ता, अनुपम गुप्ता, सीमा गुप्ता, नीलम गुप्ता, शशि गुप्ता, पल्लवी गुप्ता, मिली गुप्ता, नीलू गुप्ता, खुशबू गुप्ता, अमृता गुप्ता, सोनल गुप्ता, पूजा गुप्ता, डोली गुप्ता, रेनू गुप्ता, शिवानी गुप्ता, अर्चना गुप्ता, सारिका गुप्ता,शुभि गुप्ता आदि मुख्य थीं। एसडीएम ने वैश्य महिला संगठन के ज्ञापन पर उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया।