मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने सोमवार को सीनियर अफसरों के साथ मीटिंग की। उन्होंने पहली ही मीटिंग में साफ कर दिया है कि सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ना नहीं चाहिए। डीजीपी जावीद अहमद और प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पांडा वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये जिलों के पुलिस कप्तानों और डीएम से रूबरू हुए।
उन्होंने अफसरों तक सीएम योगी आदित्य नाथ का संदेश पहुंचाया। कहा कि जिले में कहीं भी गौकशी हुई तो इसके लिए डीएम और एसएसपी को दोषी मानते हुए उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिले में सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ना नहीं चाहिए।
साथ ही उन्होंने कहा कि उत्सव की आड़ में उपद्रव नहीं होना चाहिए। ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई करें। डीजीपी ने कहा कि रूल ऑफ लॉ का संदेश सिपाही एवं पुलिस चौकी तक पहुंचना चाहिए। ईवटीजिंग पर नजर रखें। थाने एक्टिव और अलर्ट रहें और तुरंत कार्रवाई।
डीजीपी जावीद अहमद ने कहा कि रूटीन झगड़ों पर नजर रखें। चेन स्नैचिंग के साथ साथ वाहन चोरी की गंभीरता पूर्वक कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि रूल ऑफ लॉ का पालन होगा। अपराध और उसकी गंभीरता के अनुसार कार्रवाई की जाए।
दलालों और ठेकेदारों पर कड़ा अंकुश रखें। साथ ही उन्होंने कहा कि जघन्य अपराध होगा तो थाना स्तर और ऊपर स्तर पर कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि डीआईजी सोशल मीडिया के संदेशों को मानीटरिंग करेंगे और सोशल मीडिया सेल को एक्टिव रखें। सोशल मीडिया पर नियंत्रण जरूरी है।
पुलिस अपना व्यवहार ठीक रखे। ताकी पीड़ित लोग थाने आने में डरे नहीं। प्रदेश में यूपी डायल 100 की 30 हजार गाड़ियां हैं। इनका सही इस्तेमाल होना चाहिए। लीडरशिप के साथ साथ सरकारी मशीनरी बेहतर तालमेल रखे। रूल ऑफ ला का पालन करें।
एडीजी कानून व्यवस्था ने कहा कि साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास करें। पीस कमेटी की बैठक भी करें। गौकशी हुई तो सख्त कार्रवाई होगी। खुद को उपकरणों से सुसज्जित रखें।
उन्होंने कहा कि मीडिया को सही स्थिति से तत्काल अवगत कराया जाए। आम आदमी की सुरक्षा पर मुकम्मल ध्यान दें। बोर्ड परीक्षा में नकल नहीं होनी चाहिए। डीजीपी और प्रमुख सचिव गृह जल्द ही प्रदेश में दौरे करके अपराध की समीक्षा करेंगे।
उन्होंने कहा कि महिलाओं में कान्फीडेंस होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बेगुनाह न फंसे और अपराधी नहीं छूटने चाहिए। यातायात नियंत्रण पर भी ध्यान दें। आईजी इंटेलीजेंस ने कहा कि रेलवे लाइन से हो रही छेड़छाड़ की घटनाओं का भी संज्ञान लें और बार्डर पर नजर रखें।
मुरादाबाद समेत कई जगह रेलवे पटरी उखाड़ने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसी घटना दोबारा नहीं होनी चाहिए। डीआईजी आेंकार सिंह ने मुरादाबाद के प्रत्येक थाने को एक चौराहा टास्क के तौर पर दिया है।
उन्होंने कहा है कि चौराहा 100 मीटर के एरिया में पूरी तरह से साफ सुथरा रखें और थाने में जितने भी वाहन पड़े हुए हैं। अभियान चलाकर उसका तत्काल निस्तारण करें।