अक्रूरजीपुरम में युवक को गोली मारकर घायल करने के आरोपी नामजद युवक के परिजनों ने शहर में शांति मार्च निकाला और कोतवाली पहुंचकर उसे निर्दोष बताया। इसको लेकर उनकी पुलिस से नोकझोंक भी हुई।
सीओ व व्यापारियों के समझाने पर परिजन लौट गए। चंदौसी के अक्रूरजी पुरम के पास 21 दिसंबर की शाम साढ़े सात बजे छोटेलाल कॉलोनी निवासी युवक को उसके साथियों ने रुपये के लेनदेन को लेकर कंधे में गोली मार दी थी। घायल युवक की ओर से अंकुश वार्ष्णेय जोंटी तथा सूर्या टनाटन के खिलाफ जानलेवा हमले में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस विवेचना के दौरान सोमवार की दोपहर करीब एक बजे को सूर्या टनाटन के पिता अंशुल टनाटन, चाचा राहुल टनाटन, मां प्रिया टनाटन, नर्मदा गुप्ता, मोनिका गुप्ता सहित काफी संख्या परिजन व परिचित लोग मोहल्ला मोती से लड्डू गोपाल की प्रतिमा के साथ शांति मार्च निकालते हुए कोतवाली पहुंचे।
कोतवाली पहुंचने पर सूर्या के परिजनों जमीन पर बैठ गए और सूर्या को बेकसूर बताने लगे। परिजनों ने पुलिस पर बेवजह सूर्या के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करने का आरोप लगाया। परिजनों की प्रभारी निरीक्षक विद्युत गोयल से काफी नोकझोंक की।
महिला परिजन तो रोने तक लगीं। कोतवाली में अफरा-तफरी का माहौल होने पर पुलिस ने सीओ गोपाल सिंह को अवगत कराया गया। मौके पर पहुंचे सीओ गोपाल सिंह ने आरोपी सूर्या के परिजनों को समझाने का प्रयास किया।
सीओ ने कहा कि अभी घटना की जांच चल रही है। आपके पास कोई अपने बच्चे की बेगुनाही का सबूत है तो उसे पेश करें। किसी भी बेकसूर को जेल नहीं भेजा जाएगा। इसके बाद भी परिजन एफआईआर में से सूर्या का नाम निकलने की जिद पर अड़े रहे। कुछ व्यापारी नेता अरविंद कुमार गुप्ता सहित अन्य सूर्या के परिजनों को समझाबुझाकर वापस घर भेज दिया।