फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Moradabad News: कस्तूरबा गांधी स्कूल में छात्रा को डराने और बाल खींचने का लगाया आरोप

विज्ञापन
विज्ञापन
मुरादाबाद। खुशहालपुर निवासी एक महिला ने कस्तूरबा गांधी विद्यालय में बेटी को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। मामले की शिकायत उन्होंने जिलाधिकारी से की है। वहीं प्रधानाध्यापक का कहना है कि अभिभावकों ने छात्रा का नाम कटवा लिया है। अब दोबारा दाखिला चाहते हैं, लेकिन स्कूल में सीट रिक्त नहीं हैं। इसलिए अब वह इस तरह के आरोप लगा रहे हैं।
विज्ञापन

खुशहालपुर निवासी महिला ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी का कक्षा छह में कस्तूरबा गांधी आवासी विद्यालय फैजगंज में दाखिला करवाया था। 22 अप्रैल को वह अपनी बेटी को स्कूल से लेकर आई, क्योंकि उनके माता-पिता तीर्थयात्रा पर गए थे। जब वह अपनी बेटी को 24 अप्रैल को स्कूल छोड़ने गईं तो उस वक्त पेपर चल रहा था। बाहर से चार-पांच लड़कियां स्कूल में आ गईं और उन्होंने यूनिफॉर्म भी नहीं पहनी थी। जब हमने बेटी की सुरक्षा के बारे में प्रधानाध्यापक से पूछा तो उन्होंने कहा कि बच्चा यहां गेट तक नहीं जाता है। मैं रविवार को अपनी बेटी से मिलने गई। मैंने अपनी बेटी से बात की तो वह बहुत घबराई हुई थी। उसने मुझसे अच्छे से बात नहीं की। फिर मैं 30 अप्रैल को बेटी को लेने पहुंची तो प्रधानाध्यापक ने कहा कि मैं अपनी बेटी को लेकर नहीं आ सकती हूं। यदि शाम तक छोड़ जाओ तो ले जाओ। महिला ने आरोप लगाया कि उसकी बेटी ने दो दिन से खाना नहीं खाया था। इसके बावजूद स्कूल से इस बात की जानकारी नहीं दी गई। मैंने घर आकर बेटी से पूछा तो उसने बताया कि उसे बुखार आ गया था और दो घंटे के लिए बेहोश भी हो गई थी। जिस कमरे में बच्चे सोते हैं, वहां लाइट बंद रहती हैं। महिला के अनुसार सोमवार की आधी रात के समय मेरी बेटी और चार अन्य बच्चियों के साथ बाल खींचे। बच्चे रात में उठकर रोने लगे। उनका कहना है कि जब से बेटी का दाखिला हुआ है, तब से कई बार खिड़की पर बाल लटकाकर बच्चों को डराया जाता है। उन्होंने शिक्षकों पर आरोप लगाया कि वह बेटी को डराते हैं कि यदि नाम कटवाया तो माता-पिता को तीन साल की जेल करवा देंगे। उन्होंने बच्चों से शौचालय साफ करवाने, झाडू-पौंछा लगवाने और स्कूल छोड़ने पर पेनल्टी लेने का आरोप लगाया। उन्होंने मामले की जांच करवाने की मांग की।

वर्जन...
छात्रा की सहेली ने टीसी कटवा ली थी। छात्रा भी पढ़ना नहीं चाहती थी। इसलिए उसने अभिभावकों से यह बात कहीं। हमारे यहां पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। खाना खाने की वीडियाे प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड होती है। छात्रा के अभिभावकों ने नाम काटने को कहा था तो हमने उसका नाम काट दिया और सूची में प्रतीक्षारत छात्रा का दाखिला कर लिया। सभी सौ सीटों पर दाखिला हो चुके हैं। अब यह अभिभावक दोबारा दाखिला चाहते हैं। मैंने सीट न होने की बात कहकर दाखिला लेने में असमर्थता व्यक्त की तो यह इस तरह के आरोप लगा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

पूर्णिमा पाल, प्रधानाध्यापक, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें