मुरादाबाद। राजकीय पुस्तकालय में छात्राओं को बरगलाने के मामले में आरोपी कर्मचारी को रामपुर संबद्ध कर दिया गया है। इसके साथ ही सोमवार को समिति ने मामले में जांच शुरू कर दी है।
संयुक्त शिक्षा निदेशक द्वादश मंडल मनोज कुमार द्विवेदी की ओर से जारी किए गए पत्र के अनुसार जिलाधिकारी को की गई शिकायत में पुस्तकालय प्रभारी के विरुद्ध धर्म और जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करने और छात्राओं को बरगलाने जैसी असामाजिक घटनाओं को बढ़ावा देने के आरोप लगाए गए थे। इस शिकायत के आधार पर आरोपी पुस्तकालय प्रभारी को राजकीय पुस्तकालय से हटाकर उनके मूल पद जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में भेज दिया गया था। राजकीय पुस्तकालय और जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय एक ही परिसर में स्थित होने के कारण जांच प्रभावित न हो, इस संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता है। इसलिए आरोपी कर्मचारी (वरिष्ठ सहायक) को अग्रिम आदेशों तक डीआईओएस कार्यालय से शारीरिक प्रशिक्षण महाविद्यालय रामपुर संबद्ध किया जाता है।
विद्यार्थियों के दर्ज कराए बयान
संयुक्त शिक्षा निदेशक द्वादश मंडल द्वारा आरोपों की जांच के लिए दो सदस्यीय समिति का गठन किया था। समिति ने सोमवार को राजकीय पुस्तकालय पहुंचकर जांच शुरू कर दी। सोमवार को विद्यार्थियों के बयान दर्ज किए गए। समिति के सदस्यों का कहना है कि विद्यार्थियों के साथ आरोपी कर्मचारी के भी बयान दर्ज किए जाएंगे। बयान में कर्मचारी द्वारा जो भी बिंदु उठाए जाएंगे, उनकी भी सत्यता परखी जाएगी। गौरतलब है कि आरोपी कर्मचारी का कहना है कि पुस्तकालय में पढ़ने वाला एक भी छात्र मुस्लिम नहीं है। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरों की भी जांच करने की मांग की है।