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शुभम की मौत से भी नहीं लिया सबक, नो एंट्री में फिर घुसा ट्रक

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मुरादाबाद। शुभम की मौत के मामले में चिन्िहित किए गए यातायात पुलिस के पांच कर्मचारियों को अधिकारी बचाने में जुटे हैं। फव्वारा चौक के साथ ही नो एंट्री में घुसा ट्रक शहर के बाकी चौराहों से भी होकर गुजरा होगा। शहर के कमोबेश सभी चौराहों पर यातायात पुलिस कर्मी तैनात हैं। सीसीटीवी की मदद से ट्रक का रूट पता कर दोषियों को कड़ी सजा देने कें बजाए अधिकारी दोषियों को बचाने की भूमिका में हैं। सजा के नाम पर फव्वारा चौक के पांच पुलिस कर्मियों को महज ट्रैफिक ड्यूटी से हटाया गया है। हालांकि कप्तान का कहना है कि सभी आरोपियों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
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युवा फाइनेंस कर्मी शुभम को शुक्रवार शाम छह बजे नो एंट्री में घुसे बेकाबू ट्रक ने कुचलकर मार डाला था। ट्रक 150 फीट तक स्कूटी सवार शुभम को घसीट ले गया था। यह ट्रक फव्वारा चौक से होकर लोकोशेड पुल पर पहुंचा था जहां यातायात पुलिस के पांच कर्मचारी तैनात थे। इनकी लापरवाही या नरमी की वजह से ही यह ट्रक व्यस्ततम लोकोशेड पुल तक पहुंचा था। इन पांचों के खिलाफ कार्रवाई तय मानी जा रही थी। लेकिन ऐसा हुआ नहीं।
एसएसपी अमित पाठक का कहना है कि यातायात नियमों को पूरी सख्ती से लागू कराया जाएगा। लापरवाही में फव्वारा चौक पर तैनात पांच पुलिस कर्मियों को ट्रैफिक ड्यूटी से हटा दिया गया है। इन सभी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी होगी।
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पुलिस की शह से सड़कों पर मौत बनकर घूम रहे ट्रक
मुरादाबाद। लोकोशेड पुल पर ट्रक से कुचलकर एक युवक की मौत के बाद भी यातायात पुलिस नो एंट्री में ट्रकों को रोकने के लिए संजीदा नजर नहीं दिखती। इस दर्दनाक हादसे के तीसरे ही दिन रविवार को फिर से शहर में नो एंट्री के समय ट्रक सड़कों पर दिखे। चौराहे दर चौराहे खड़ी यातायात पुलिस की शह के बगैर ट्रकों का नो एंट्री में घुसना मुमकिन नहीं है।
शहर की सड़कों पर रविवार को भी ट्रक नो एंट्री में सड़कों पर नजर आए। पुलिस नाकों को पार करते हुए रविवार दोपहर एक ट्रक पारकर इंटर कालेज वाली रोड पर पहुंचा। सामान से भरा यह ट्रक बड़े आराम से पुलिस की नजरों के सामने से होता हुआ पाकर कालेज रोड तक पहुंचा। लेकिन पुलिस ने इसे कहीं रोका नहीं। इसी तरह गलशहीद क्षेत्र में स्थित कई ट्रांसपोर्ट कंपनियों तक भी ट्रकों की आवाजाही बेरोकटोक बनी रही। शहर में नो एंट्री में घुसे ट्रकों से चौराहों पर होती वसूली आम आदमी आए दिन देखता है, अफसरों से भी यह सच छुपा नहीं है। पुलिस की शह के बगैर नो एंट्री में ट्रकों का घुसना नामुमकिन है।
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