शुक्रवार को पहली तनख्वाह मां की हथेली पर रखने का वायदा कर घर से निकला शुभम लौटा ही नहीं। वह एक ऐसे ट्रक की चपेट में आकर दुनिया से चला गया जो भ्रष्ट तंत्र की शह पर शहर में घुसा था। शून्य में निहारती शुभम की मां नीलम को यह विश्वास ही नहीं हो रहा है कि उसका लख्त-ए-जिगर अब कभी नहीं लौटने वाला।
लोकोशेड पुल पर बीती शाम ऐसा हादसा हुआ जिसने न केवल एक युवक की जान ले ली बल्कि पुलिस व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। एक फाइनेंस कंपनी में हाल ही में नौकरी पाया हिमगिरी निवासी शुभम अपनी स्कूटी पर सवार होकर अपने ऑफिस जा रहा था। नो एंट्री में घुसे ट्रक ने उसे टक्कर मारी और उसकी मौत हो गई। उसकी मां नीलम बदहवास हालत में हैं। शुक्रवार को ही शुभम को पहली तनख्वाह मिलने वाली थी जिसके लिए वह ऑफिस जा रहा था। वह इस वायदे के साथ घर से निकला था कि पहले तनख्वाह मां की हथेली पर लाकर रख देगा।
दोनों भाई अभिषेक और बाबू बेहद प्रफुल्लित थे। भाई से कई बार कह चुके थे कि पहली तनख्वाह पर पार्टी तो बनती है। शुभम भी कह चुका था कि हां बिल्कुल होगी पर सारी खुशियां आंसुओं में बदल गई। शुभम के पिता राजकुमार सभी को संभाल रहे हैं पर खुद जैसे टूट चुके हैं। बड़ा सवाल फिर यही है कि यदि नो एंट्री में इस ट्रक को न घुसने दिया जाता तो क्या यह हादसा होता? नहीं। शायद आज शुभम जीवित होता। उधर, पोस्टमार्टम के बाद शुभम का शव परिजनाें को सौंप दिया गया। शनिवार को गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
अज्ञात चालक पर मुकदमा दर्ज
इस मामले में अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ शुभम के पिता राजकुमार की तरफ से धारा 304 ए, 379 आदि में मुकदमा दर्ज कर लिया। ट्रैफिक पुलिस की ओर से भी मोटर व्हीकल एक्ट एक्ट में कार्रवाई कर चालक की तलाश की जा रही है। इस दुर्घटना में चालक ने इतनी लापरवाही दिखाई थी कि एक्सीडेंट के बाद ट्रक को पुल पर ही छोड़कर भाग गया। ट्रक ने पीछे लुढ़कना शुरू कर दिया था और कई और लोग इसकी चपेट में आने से बाल बाल बचे।
एसपी ट्रैफिक ने सौंपी रिपोर्ट, पुलिसकर्मियों पर होगा एक्शन
इस प्रकरण में एसपी ट्रैफिक सतीश चंद ने रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने पूछा है कि इस ट्रक को नो एंट्री में प्रवेश देने के लिए कौन कौन से पुलिसकर्मी जिम्मेदार हैं। फव्वारा चौक पर कौन कौन पुलिसकर्मी तैनात थे। इन सभी पर एक्शन होगा।
दुर्घटना में साल में 281 लोगों ने गंवाई जान
504 हुई दुर्घटनाएं, 386 लोग हुए घायल
मुरादाबाद
दुर्घटनाएं लोगों की जिंदगी केलिए कहर बनी हैं। मुरादाबाद में ही एक साल में 281 लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में मौत हुई है। इनमें काफी मौतें ऐसी है जहां नो एंट्री में ही हादसे हुए। घायलों की संख्या भी कम नहीं है।
साल दुर्घटनाएं मौतें घायल
2015 325 189 190
2016 508 264 363
2017 537 302 401
2018 530 348 456
2019 504 281 386