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Moradabad News: एक साल में एसीबी के जाल में फंसे 18 घूसखोर आरेापी

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मुरादाबाद। एक साल में मुरादाबाद मंडल में 18 घूसखोर आरोपी एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) के जाल में फंस गए। इनमें सबसे ज्यादा राजस्व विभाग के कर्मचारी शामिल हैं। इस बार एक महिला लेखपाल और एक अन्य महिला कर्मचारी भी घूस लेते रंगे हाथ पकड़ी गई है। 10 मामलों में विवेचना पूरी कर विवेचक चार्जशीट भी कोर्ट में दाखिल कर चुके हैं।
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राजस्व विभाग, बिजली विभाग, पुलिस विभाग, शिक्षा विभाग में घूसखोरी के आरोपी पकड़े गए हैं। एसीबी की टीम ने घूसखोरी के आरोपियों को पकड़ने का सिलसिला 30 जनवरी से बिजनौर से ही शुरू किया। टीम ने बिजनौर के जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में तैनात बाबू देवेंद्र सिंह को दस हजार की रिश्वत लेते हुए दबोचा था। आरोपी ने नजीबाबाद के आर्य कन्या इंटर कॉलेज के निलंबित चल रहे चौकीदार राधेश्याम से पचास हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। पहली किस्त के तौर पर दस हजार रुपये बाबू को दिए तो टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। चार फरवरी को संभल में सहकारी समिति उर्वरक एवं खाद्य विभाग के सरकारी समिति के सचिव को पांच हजार की घूस लेते गिरफ्तार किया गया। आरोपी सचिव राकेशपाल सिंह ने समिति में तैनात अकाउंटेंट योगेंद्र सिंह से वेतनवृद्धि करने के नाम पर रिश्वत मांगी थी। 11 फरवरी को टीम ने अमरोहा के लोक निर्माण विभाग के जेई भानू प्रताप सिंह और शादाब हुसैन को 60 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। 27 फरवरी को बिजनौर में नहर विभाग में तैनात कर्मचारी को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया।
14 मई को संभल में बाल विकास परियोजना में तैनात संप्रति मुख्य सेविका मालती यादव को दस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। नौ सितंबर को अमरोहा चकबंदी विभाग में तैनात लेखपाल उत्तम कुमार को 20 हजार रुपये की घूस लेते हुए दबोचा था। 22 सितंबर को मुरादाबाद में शिक्षा एवं वित्त विभाग मेंतैनात देवीदीन कनौजिया को पांच हजार की रिश्वत लेते हुए दबोच लिया। संभल में 11 नवंबर को दरोगा राकेश सिंह ओर इकबाल को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है।
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संभल के रजपुरा थाना क्षेत्र की हरिबाबा बांध धाम पुलिस चौकी के प्रभारी राकेश सिंह ने धोखाधड़ी के मुकदमे में नाम निकालने के लिए 50 हजार रुपये की रिश्वत अमरोहा जिले के दहेरी खादर निवासी सुखवीर से मांगी थी। इस मामले में बिचौलिया इकबाल पर भी कार्रवाई की गई थी। 13 नवंबर को अमरोहा में उत्तर प्रदेश सहकारी ग्रामीण विकास बैंक के चपरासी अनोज कुमार को 20 हजार रुपये की घूस लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया। किसान कमल सिंह ने बैंक से तीन लाख रुपये का ऋण लिया था। इसमें से 1.5 लाख उनके खाते में पहले ही ट्रांसफर हो चुके थे जबकि 1.5 लाख जारी करने के लिए बैंक अफसर उनसे 30 हजार की रिश्वत मांग रहे थे। चपरासी के जरिए रिश्वत मांगी गई थी। 17 दिसंबर को रामपुर में महिला लेखपाल रिचा सक्सेना को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया।
चकरोड नक्शे में सही करने के नाम पर किसान से रिश्वत मांगी गई थी। मंगलवार को फिर बिजनौर में एक लेखपाल गिरफ्तार किया गया है। एसीबी के निरीक्षक नवल मारवाह ने बताया कि जनवरी से 23 दिसंबर तक 18 आरोपी अलग अलग विभागों में रिश्वत लेते ट्रैप किए गए हैं।
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