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अब्दुल्ला आजम ने किया वर्चुअल संवाद

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रामपुर। सपा सांसद आजम खां के पुत्र अब्दुल्ला आजम ने कहा है कि इस बार का चुनाव सरकार बनाम आवाम होगा। मुकाबला बहुत बड़े लोगों से है जिनके पास सियासी, दौलत और जुल्म-ज्यादती की ताकत है। इसलिए हमें सोच समझकर फैसला लेना है। उन्होंने प्रदेश सरकार और रामपुर के नवाब खानदान पर निशाना साधा।
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करीब 23 माह बाद शनिवार 15 जनवरी को अब्दुल्ला आजम सीतापुर जेल से रिहा होकर रामपुर आए थे। इसके बाद रविवार को ही वो दोबारा रामपुर से चले गए और इसके बाद बुधवार को कार्यालय पहुंचे और कार्यकर्ताओं से वर्चुअल संवाद किया। इस दौरान अब्दुल्ला आजम ने कार्यकर्ताओं से कहा कि आपका मुकाबला सरकार से है। किसी भी कीमत पर किसी से न तो संबंध खराब करने हैं और न ही कोई कानून तोड़ना है। नवाब खानदान पर निशाना साधते हुए कहा कि एक दौर में कक्षा आठ से आगे पढ़ने नहीं दिया जाता था। लोगों को घर की बहन-बेटी की इज्जत का डर रहता था। आरोप लगाया कि 1857 की क्रांति में नवाबों ने हिन्दुस्तान की जगह अंग्रेजों की गुलामी चुनी, जिस कारण देश करीब 90 साल बाद आजाद हुआ। आपको गुलामी देने के बदले नवाबों को अंग्रेेजों से बेशकीमती इनाम मिले। कहा कि जेल में अखबारों से पता चला कि कई हजार करोड़ की संपत्ति का बंटवारा हुआ है लेकिन, चुनाव के बाद इसको लेकर अभियान चलाया जाएगा और अदालत से दरख्वास्त कर इस संपत्ति को सरकारी संपत्ति घोषित कर अस्पताल, स्कूल-कालेज और गरीबों के आवासों के लिए प्रयोग करने की मांग की जाएगी। कहा कि हमारा मुकाबला किसी राजनीतिक दल से नहीं है बल्कि सरकार से है। कहा कि मुकाबला बहुत बड़े लोगों, बहुत बड़ी ताकत से है, जो कि सियासत, दौलत और ज्यादती-जुल्म की ताकत है। कहा कि ये तो वो शहर है जहां से नारे लगते हैं कि वजीर ए आजम बनाम आजम। कहा कि इस बार इंकलाब जरूर आएगा क्योंकि जब बेगुनाह किसान सर्द-गर्म और बारिश की रात सड़कों पर गुजारतें हैं, कई किसानों की मौत हो जाती है, जीप के टायर की कीमत किसी किसान से अधिक हो जाती है, बेगुनाहों पर भैंस, बकरी, किताबें चोरी के मुदकमे दर्ज होते हैं तो इंकलाब जरुर आता है।
इसके साथ ही अब्दुल्ला आजम ने कहा कि उनकी 75 साल की बीमार बेकसूर मां को जेल में रखा गया। वालिद आज भी आठ बाई आठ की कोठरी में बंद हैं। वो सप्ताह में एक बार ही अपनी मां से मिल पाते थे।
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