बिलारी में चल रही श्रीराम कथा में आरती करते भक्त-संवाद
बिलारी। नगर के रायसत्ती मंदिर के कुमार कार्तिकेय सभागार में चल रही श्री राम कथा के तीसरे दिन बृहस्पतिवार को कथा व्यास पंडित बृजेश पाठक ने कहा जो व्यक्ति सामने वाले को दीनहीन समझ कर दान देता है, वह दान नहीं करता है, बल्कि वह तो सामने वाले के मन में दीनता और अपने मन में अभिमान बढ़ाता है।
कथा व्यास ने कहा कि ऐसा व्यक्ति सच्चा दानी नहीं है, सच्चा दानी तो दान लेने वाले के प्रति कृतज्ञता प्रकट करता है कि सामने वाले ने हमारा दान स्वीकार करके हमें दान देने का गौरव प्रदान किया है। कथा व्यास ने आगे कहा कि दान का सच्चा स्वरूप यही है जिसमें व्यक्ति अपने मन में अभिमान नहीं रखता बल्कि दान लेने वाले के प्रति सम्मान प्रकट करता है। व्यास ने कहा कि रामायण में ऐसा ही भाव प्रभु राम ने विभीषण के समक्ष प्रकट किया। उन्होंने कहा विभीषण तुम्हें तो लंका की जरूरत नहीं है, लेकिन मेरे बारे में लोगों ने मशहूर कर दिया है कि जो भी व्यक्ति मेरी शरण में आता है वह खाली हाथ नहीं जाता है। कुछ न कुछ जरूर पाता है अगर मैं तुम्हें लंका नहीं दूंगा तो मेरी कीर्ति नष्ट हो जाएगी।
मौके पर याद कुमार डुडेजा, सुरेंद्र कुमार चुग, सुधीर कुमार गुप्ता, प्रदीप शर्मा, अनिल कुमार गुप्ता, राजीव कुमार शर्मा, प्रदीप कुमार गुप्ता, अखिलेश कुमार शर्मा, दीप गुप्ता, अखिलेश श्रीवास्तव, शिवम गुप्ता व संजय जैन आदि मौजूद रहे।