मुरादाबाद। राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित होने के बाद शिक्षकों की आंखों में खुशी के साथ एक नया संकल्प भी दिखा। सम्मानित शिक्षकों ने कहा कि यह सम्मान नई जिम्मेदारी बनकर आया है। यह पुरस्कार व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उन छात्रों का विश्वास है जिन्हें उन्होंने गढ़ा है। अब उन विद्यार्थियों और अभिभावकों के भरोसे को बनाए रखने की चुनौती और बड़ी है। उन्होंने कहा कि अब कक्षा में सिर्फ विद्यार्थियों को पढ़ाना ही नहीं, बल्कि उनको रोजगान्मुख बनाना उनका उद्देश्य होगा।
शिक्षिका के साथ गांव की बहू की भी जिम्मेदारी
कन्या जूनियर हाईस्कूल सिरसवां गौड़ की प्रभारी प्रधानाध्यापिका सुनीता रानी ने कहा कि सम्मान प्राप्त करने मेरे पति अनूप सिंह भी साथ गए थे। वहां पर पूरा कार्यक्रम बहुत ही व्यवस्थित था। चार सितंबर को गोरखुपर पहुंच गए थे। हम सभी को गोरखधाम मंदिर घुमाने के लिए ले जाया गया। शनिवार को बस के द्वारा कार्यक्रम स्थल पर ले जाया गया। भव्य तरीके से स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों सम्मानित होना सपना था। माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी, बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह की मौजूदगी में जब ब मंच से नाम बोला गया तो मुरादाबाद के लिए गौरवान्वित महसूस कर रही थी। मुझे स्कूल के बच्चे और अभिभावकों की याद आई, जिनके सहयोग ने मुझे यहां तक पहुंचाया। उन साथियों को भी याद किया, जो हमेशा प्रोत्साहित करते थे। मैं सिरसवां गौड़ के स्कूल की शिक्षिका होने के साथ यहां की बहू भी हूं। इसलिए मेरे ऊपर दोहरी जिम्मेदारी है। हमेशा यही याद रहता है कि अपने गांव के बच्चों की सफलता में योगदान कर सकूं। अपने गुरुजनों, माता-पिता और बच्चों को भी याद किया। मेरे ससुराल, मायके के साथ बुद्धि विहार कालोनी में भी खुशी का माहौल है। अब यही उद्देश्य है कि विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर सकूं।
मुख्यमंत्री के हाथों सम्मान मिलना भावुक पल
मुरादाबाद। राजकीय इंटर कॉलेज सलेमपुर के प्रधानाचार्य डॉ. अनुज अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों सम्मान प्राप्त करना गौरवपूर्ण होने के साथ बहुत ही भावुक पल था। उन्होंने कहा कि मंच पर जब पुरस्कार ग्रहण कर रहा था तो उस वक्त जो अनुभूति हो रही थी उसे शब्दों में बयां नहीं कर सकता। लंबे समय बाद मुरादाबाद जनपद के माध्यमिक शिक्षा विभाग में यह सम्मान मिलना अपने आप में प्रोत्साहित करने वाला है। इस सम्मान को अपने विद्यार्थियों, सहकर्मियों, अभिभावकों एवं शिक्षा जगत से जुड़े सभी सहयोगियों के प्रति समर्पित करते हुए कहा कि यह पुरस्कार उन्हें शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा देगा। डॉ. अनुज ने कहा कि विद्यार्थियों को नवाचारपूर्ण शिक्षा देने का उद्देश्य है, ताकि किताबी शिक्षा के साथ उनके संपूर्ण व्यक्तित्व का विकास हो सके। बेटियों को हुनरवान बनाना है, जिससे भविष्य में वह विपरीत परिस्थितियों में भी अपना आत्मविश्वास बनाए रखें।
मुरादाबाद की बेटी को भी मिला सम्मान....फोटो...
मुरादाबाद। मूलरूप से मुरादाबाद के कंपनी बाग निवासी और विवाह के पश्चात गाजियाबाद निवासी शुचि त्यागी को भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों सम्मान मिला। उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर काम को पहचान मिलना मेरे लिए बहुत सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि मेरी इस यात्रा की शुरुआत वर्ष 2006 में हुई। पिछले 20 वर्षों में मैंने छोटे-छोटे लेकिन निरंतर प्रयास किए। मेरा मानना है कि शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा परिवर्तन छोटे प्रयासों से ही संभव है। मैं सेवानिवृत्ति तक इसी दृढ़ता, निष्ठा और समर्पण के साथ इन बच्चों के लिए काम करना चाहती हूं जो आर्थिक रूप से पिछड़ेपन की वजह से हमारे विद्यालयों में आते हैं। शुचि त्यागी की सफलता पर उनके भाई राजीव त्यागी ने खुशी व्यक्त की।