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Moradabad News: अफसरों की लापरवाही से खड़ा हुआ तीन लाख टन कूड़े का पहाड़

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मुरादाबाद। रामपुर रोड स्थित साॅलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट में तीन लाख टन कूड़े का पहाड़ खड़ा हो चुका है। पिछले सात महीने से इस प्लांट में कूड़ा निस्तारण का काम ठप पड़ा है। कूड़े का निस्तारण करने वाली कंपनी पर इसी महीने नगर निगम ने कार्रवाई करते हुए पांच करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने के साथ ही उसे काली सूची में डाल दिया है। कंपनी का नगर निगम के साथ 2016 में ही 30 वर्ष के लिए अनुबंध हुआ था, लेकिन काम में लापरवाही के चलते यह अनुबंध आठ साल में ही निरस्त कर दिया गया।
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नगर निगम की ओर से शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा उठाए जाने की व्यवस्था है। इस व्यवस्था के तहत शहर से प्रतिदिन करीब 325 टन कूड़ा उठाया जाता है। इसके बाद यह कूड़ा रामपुर रोड स्थित प्लांट में भेजा जाता है, जहां कूड़े का निस्तारण कर खाद तैयार की जाती है। यह टेंडर हरी भरी कंपनी को वर्ष 2016 में मिला था।
अनुबंध के तहत कंपनी को 25 साल काम करना था, फिर इसी काम के आधार पर कंपनी को पांच साल का विस्तार मिलता। 2016 से कूड़े का निस्तारण करने वाली इस कंपनी ने बिल भुगतान की मांग को लेकर सात महीने पहले ही काम करना बंद कर दिया था। दूसरी ओर हर दिन प्लांट में कूड़े का ढेर लगता जा रहा था। कंपनी के बिल का भुगतान रोककर वर्तमान नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल ने जांच बैठा दी थी।
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जांच में निगम को पता चला कि कंपनी अपने अनुबंध में दी गई ढिलाई का विशेष फायदा उठा रही है। पूर्व में अधिकारियों ने कंपनी को टेंडर देने के नाम पर कई स्तर पर नरमी दिखाई थी, जिसका फायदा उठाते हुए कंपनी प्रतिदिन निकलने वाले कूड़े का 50 प्रतिशत ही निस्तारण कर रही थी, जबकि भुगतान के लिए पूरा बिल बनाकर भेज रही थी।
कंपनी की इस लापरवाही के कारण प्लांट में कूड़े का पहाड़ खड़ा हो गया। इसका खामियाजा आसपास के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। क्षेत्र में दुर्गंध और दूषित पानी से बीमारियां फैल रही हैं। नगर आयुक्त ने कंपनी पर कार्रवाई करते हुए उसका भुगतान रोककर पांच करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने के साथ उसे काली सूची में डाल दिया है।
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कंपनी ने ढील का उठाया फायदा

नगर निगम के साथ अनुबंध में हरी भरी कंपनी को कई स्तर पर ढील दी गई थी। अनुबंध के तहत कंपनी के काम में लापरवाही मिलने पर उसे नोटिस दिए जाने का प्रावधान था, जिसका जवाब देने के लिए 30 दिन का समय दिया गया था। नोटिस का जवाब 30 दिन के भीतर आ आने पर कंपनी को कार्य में सुधार के लिए 60 दिनों का अतिरिक्त समय दिया जा रहा था। कंपनी द्वारा हर नोटिस पर कार्य में सुधार करने का जवाब देते हुए फायदा उठाया जा रहा था, लेकिन नगर आयुक्त ने जांच कराने के बाद सख्त कार्रवाई की।


नई कंपनी से हुआ अनुबंध
कूड़ा निस्तारण के लिए नई कंपनी से अनुबंध की प्रक्रिया पूरी हो गई है। अब पीपुल्स एसोसिएशन फॉर टोटल हेल्प एंड यूथ अप्लाज से 15 वर्षों का अनुबंध हुआ है। काम अच्छा होने पर कंपनी को पांच साल का विस्तार दिया जाएगा। नगर निगम और इस नई कंपनी के बीच 25 अक्तूबर 2024 से 24 अक्तूबर 2044 तक का करार हुआ है। इस दौरान कंपनी कूड़ा निस्तारण के लिए मशीन लगाने और उसके संचालन व रखरखाव की जिम्मेदारी उठाएगी।

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कंपनी की लापरवाही की वजह से कूड़े का पहाड़ खड़ा होता जा रहा था। इससे आसपास का पानी दूषित हो रहा था। कई बार कंपनी को नोटिस दिए जाने के बावजूद कार्य में सुधार नहीं हुआ। अब कंपनी का टेंडर निरस्त कर नई कंपनी के साथ करार किया गया है। पहली कोशिश है कि कूड़े के ढेर को कम किया जाए। - अभिषेक कुमार, पर्यावरण अभियंता, नगर निगम
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