मुरादाबाद। जिले में लंबे समय से प्रस्तावित नई जिला जेल के निर्माण का रास्ता आखिरकार साफ हो गया है। करीब 400 करोड़ रुपये की लागत से दो हजार बंदियों की क्षमता वाली जेल का निर्माण अब शुरू हो जाएगा। इस आधुनिक जेल में कैदी और बंदियों के लिए खेल का मैदान भी होगा। शासन स्तर से बजट जारी कर दिया गया है। वित्तीय स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कराने की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
नई जेल के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया 2016 के आसपास पूरी कर ली गई थी। इसके बावजूद करीब दस साल से यह परियोजना विभिन्न कारणों से लंबित पड़ी थी। अब प्रशासनिक, तकनीकी और वित्तीय अड़चनों को दूर कर दिया गया है। शहर के बीच में बनी वर्तमान जिला जेल में क्षमता से अधिक बंदी होने की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। शासन के अधिकारियों की टीम ने भी जेल की जमीन का निरीक्षण किया था। इसी आधार पर पीडब्ल्यूडी ने डीपीआर तैयार की थी। इसके बाद नई जिला जेल के लिए करीब 400 करोड़ रुपये से अधिक लागत का प्रस्ताव तैयार कर जेल मुख्यालय को भेजा था। चार मंजिला जेल में ही अधिकारियों और कर्मचारियों के आवास बनेंगे।
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आधुनिक सुविधाओं से होगी लैस
मुरादाबाद। नई जेल को आधुनिक सुरक्षा मानकों और सुविधाओं के अनुरूप विकसित किया जाएगा। इसमें उच्च स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी के लिए सीसीटीवी नेटवर्क, पर्याप्त बैरक, चिकित्सा सुविधा, प्रशासनिक भवन और सुधारात्मक गतिविधियों के लिए अलग व्यवस्थाएं शामिल होंगी। इससे न केवल बंदियों के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध होगा बल्कि जेल प्रशासन के कार्य संचालन में भी सुगमता आएगी।
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नई जेल के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण पहले ही हो चुका था अब सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। पीडब्लूडी की ओर से डीपीआर तैयार किया गया था। शासन ने प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए बजट जारी कर दिया है। नई जेल आधुनिक सुविधाओं और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था से लैस होगी।
आलोक सिंह, वरिष्ठ जेल अधीक्षक
जाम से मिलेगी राहत
मुरादाबाद। पुरानी जेल जैन मंदिर रोड पर डाकखाने के सामने है। सुबह बंदी और कैदी कोर्ट में पेश किए जाते हैं फिर शाम को वापस उन्हें जेल में दाखिल किया जाता है। इन बंदी और कैदियों को ले जाने वाले वाहनों की वजह से इस रोड पर जाम लग जाता है।