कचहरी में करना चाहते थे दोनों की हत्या
आरोपी शूटर सचिन ने पुलिस पूछताछ में कबूला है कि वह पहले नोएडा में रहता था और 2012 में लूट के मामले में जेल गया और 2015 में मेरठ से हत्या के मामले में जेल जा चुका है। 2017 में जमानत पर बाहर आ गया था। कमलवीर ने व्हाट्सएप के जरिए सचिन से संपर्क किया था।
कमलवीर ने बताया कि अनुज चौधरी हत्याकांड के गवाह अजय व नीरज की दो जनवरी को गवाही है। दोनों को गवाही से रोकना है। 19 दिसंबर को सचिन और धीरेंद्र उर्फ छोटू कमलवीर कचहरी ले गया। उसी दिन जेल से प्रभाकर, अमित, मोहित तथा पुष्पेंद्र तारीख पर आये थे।
दोनों शूटरों की मुलाकात उनसे कराई जबकि ललित कौशिक व अन्य आरोपियों की कमलवीर से पहले ही बात हो चुकी थी। दस लाख रुपये में दोनों की हत्या कराने की सुपारी देकर दो लाख रुपये एडवांस दे दिए। कचहरी में ही नीरज और अजय की हत्या करने की साजिश रची गई थी लेकिन सफलता नहीं मिल पाई थी।