बिलारी। सहकारी गन्ना विकास समिति बिलारी की साधारण सामान्य निकाय की बैठक में 68 लाख रुपये के लाभ का बजट पारित हुआ। इसमें तीन चीनी मिलों पर किसानों के गन्ना मूल्य के 47 करोड़ रुपये बकाया होने पर नाराजगी जताई गई।
नगर में स्टेशन रोड स्थित एक बैंक्वेट हॉल में बुधवार दोपहर गन्ना विकास समिति साधारण सामान्य निकाय की बैठक बुलाई गई। पहले तो बीती बैठक की कार्रवाई की पुष्टि की गई। बाद में एजेंडा अनुसार विषयों पर चर्चा की गई। बैठक में आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए चार करोड़ 13 लाख रुपये की अनुमानित आय और 13 करोड़ 44 लाख रुपये का व्यय करने संबंधी प्रस्ताव पेश किया गया। 68 लाख 54 हजार रुपये के लाभ का बजट चर्चा के बाद पारित करा दिया गया। बैठक में वर्तमान वित्तीय वर्ष के आय व्यय के बारे में समिति सचिव ने स्पष्ट किया कि एक अप्रैल 2025 से 28 फरवरी 2026 तक समिति को तीन करोड़ 44 लाख रुपये की आय और एक करोड़ 88 लाख रुपये का व्यय हुआ। इस हिसाब से गन्ना समिति को इस वित्तीय वर्ष एक करोड़ 56 लाख रुपये का फायदा हुआ है।
गन्ना समिति सचिव ने गन्ना समिति बिलारी से जुड़े तीनों चीनी मिलों पर वर्तमान सीजन के बकाया गन्ना मूल्य की जानकारी देते हुए बताया कि अब तक बिलारी चीनी मिल पर 33 करोड़ 97 लाख, मझावली चीनी मिल पर 10 करोड़ 21 लाख और करीमगंज चीनी मिल पर तीन करोड़ 42 लाख रुपये गन्ना मूल्य के बकाया हैं। गन्ना समिति के संचालकों और ग्राम डेलीगेटों ने चीनी मिलें बंद हो जाने के बावजूद गन्ना मूल्य में भुगतान में देरी करने वाले तीनों चीनी मिलों के खिलाफ नाराजगी जताई। बैठक की अध्यक्षता गन्ना समिति बिलारी के सभापति चौधरी विजयपाल सिंह और संचालन समिति के विशेष सचिव आर के पाठक ने किया।
वहीं बिलारी चीनी मिल से गिरीश कुमार चाहल, मझावली चीनी मिल की ओर से सुशील कुमार सिंह और करीमगंज चीनी मिल की ओर से वीर भारत सिंह ने प्रतिभाग किया। गन्ना किसान प्रतिनिधि के रूप में चौधरी हुकुम सिंह, चौधरी महक सिंह, चौधरी अजय सिंह, अचिंत कुमार मुन्ना आदि ने भी किसानों की समस्याएं और सुझाव रखे। वहीं किसानों द्वारा गन्ने की एक पुरानी प्रजाति का मुद्दा उठाने पर बिलारी चीनी मिल के महाप्रबंधक गन्ना ने गन्ने की स्वीकृत प्रजातियों के बारे में जानकारी दी। मौके पर गन्ना समिति संचालक बोर्ड के उपसभापति आराम सिंह, समिति के संचालक यज्ञपाल सिंह दिवाकर, राकेश कश्यप, नरेश प्रताप सिंह, राजू सिंह, बहोरन सिंह, अमित यादव, नरेश प्रताप सिंह, रामौतार सिंह यादव आदि रहे।