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Moradabad News: ठंड से बचाव को जलाई अंगीठी बनी जानलेवा, दम घुटने से मासूम बहन-भाई की मौत

Sat, 17 Jan 2026 02:27 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
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कांठ (मुरादाबाद)। ब्लोअर से कमरे में लगी आग से शायर मंसूर उस्मानी की बेटी हुमा की जान जाने के कुछ घंटे बाद ही छजलैट में ठंड से बचने के लिए कमरे में जलाई अंगीठी एक परिवार के दो मासूमों के लिए काल बन गई। अंगीठी के धुएं से दम घुटने पर आहिल (4) और उसकी बहन आयरा (3) की मौत हो गई। बच्चों के माता-पिता और एक भाई की हालत गंभीर है। निजी अस्पताल में उनका उपचार चल रहा है।
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छजलैट के रहने वाले जावेद मुरादाबाद-हरिद्वार रोड पर एक पेट्रोल पंप के पास चाय की दुकान चलाते हैं। दुकान के पीछे कुछ दूरी पर उनका घर है। परिजनों के अनुसार बृहस्पतिवार की रात करीब 11 बजे जावेद (35) अपनी पत्नी शाहिस्ता (32), बेटे शिफान (6), दूसरे बेटे आहिल (4) और बेटी आयरा (3) के साथ घर के कमरे में सोए थे। भीषण ठंड से बचाव के लिए कोयले की अंगीठी जलाकर कमरे में रख ली थी।

शुक्रवार की सुबह करीब नौ बजे तक जावेद के कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो बराबर के कमरे में सो रहे जावेद के भतीजे आमिर खान और साले सलाउद्दीन ने दरवाजा खटखटाया। कुछ देर बाद जावेद ने लड़खड़ाते कदमों से दरवाजा खोला। वह अर्धचेतन स्थिति में थे। इससे घबराए भतीजे ने कमरे में जाकर देखा तो भीतर कोयले के धुएं की गंध भरी थी। कमरे में जावेद की पत्नी व तीनों बच्चे बेड पर बेहोश पड़े थे। हालात देख आमिर और सलाउद्दीन ने शोर मचाया तब आसपास के लोग भी घर में आ गए।
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परिजनों ने लोगों की मदद से जावेद, उनकी पत्नी, बेटी और दोनों बेटों को छजलैट के एक निजी अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सक ने मासूम आहिल और आयरा को मृत घोषित कर दिया। जावेद, शाहिस्ता व शिफान को भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया।

घर में मचे कोहराम के बीच सूचना पर पुलिस पहुंची। एसपी देहात कुंवर आकाश सिंह ने बताया कि परिवार के अनुरोध पर बच्चों के शवों का पोस्टमार्टम नहीं हुआ। शाम को उन्हें सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। चिकित्सक व पुलिस ने कमरे में अंगीठी के धुएं से दम घुटने को मौत का कारण बताया है। इस बीच परिजन शाहिस्ता को बेहतर इलाज के लिए मुरादाबाद के निजी अस्पताल ले गए। जावेद और बड़े बेटे शिफान की हालत में सुधार है।



एक दिन पहले मुरादाबाद शहर में ठंड से बचने के लिए ब्लोअर की आग से मशहूर शायर मंसूर उस्मानी की बेटी हुमा उस्मानी (46) की जान चली गई थी। विशेषज्ञ ठंड में इस तरह के प्रयोगों से बचने तथा कमरे में आक्सीजन बनाए रखने का सुझाव दे रहे हैं। फिर भी असावधानी न थमने से हादसे रुक नहीं पा रहे।
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