मुरादाबाद। 12 साल का हिमांशु चार साल से अपने परिवार से अलग है। एक महीना उसने भीख मांगकर अपना पेट भरा। सड़कों पर रहने के कारण छोटी उम्र में ही डायबिटीज हो गई। पिछले तीन माह से जिला अस्पताल में भर्ती है। अस्पताल स्टाफ के प्रयासों से सोशल मीडिया के जरिए उसे अपना परिवार मिल गया है।
बृहस्पतिवार को संभल निवासी दंपती जिला अस्पताल पहुंचे और अस्पताल प्रबंधन को सारी कहानी बताई। उन्होंने कहा कि गांव के एक परिचित के निवेदन पर उन्होंने 2021 में अपने बच्चे को गोद दे दिया था। इसके लिए सारी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की गईं। पांच माह पहले जब वह कटघर थाना क्षेत्र में उन परिचित व्यक्ति के घर पहुंचे तो पता चला कि बच्चा घर से चला गया है। दंपती का आरोप है कि गोद लेने वालों ने उसे परेशान रखा और ठीक से खाना भी नहीं दिया। हालांकि गोद लेने वाले पिता ने हिमांशु की गुमशुदगी कटघर थाने में दर्ज करा रखी है, लेकिन पता चलने के बावजूद उसे लेने जिला अस्पताल नहीं पहुंचे हैं। जिला अस्पताल की एसआईसी डॉ. संगीता गुप्ता ने बताया कि कटघर थाने में सूचना दे दी गई है कि गुमशुदा बच्चा यहां भर्ती है। थाना प्रभारी से कहा गया है कि वह बच्चे को कानूनी तौर पर गोद लेने वाले माता-पिता को सौंपें।
हेल्प डेस्क मैनेजर कुलदीप सक्सेना ने बताया कि उन्होंने तलाश अपनों की नाम से यूट्यूब चैनल शुरू किया है। इस चैनल पर वह अस्पताल में भर्ती लावारिस मरीजों का विवरण जनता तक पहुंचाते हैं। सोशल मीडिया की मदद से ही हिमांशु को जन्म देने वाले माता-पिता अस्पताल तक पहुंचे हैं।