फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

क्राइम सीन बोलता है कोई सुने तो

Mon, 20 Oct 2014 05:33 AM IST
Moradabad
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
मुरादाबाद। क्राइम सीन चीख चीखकर बोलता है। तमाम ऐसे सूक्ष्म साक्ष्य मौके पर होते हैं जिन्हें पुलिस देख ही नहीं पाती। जरूरत गहनता के साथ विवेचना करने की है। रिटायर डीजी रमेश चंद्र दीक्षित ने यहां पुलिस के समक्ष आने वाली नित नई चुनौतियों के बारे में जानकारी देते हुए इनसे मुकाबला करने के टिप्स दिए।
विज्ञापन

शनिवार को पुलिस अकादमी में स्पेशल क्लास चली। रिटायर डीजी आरसी दीक्षित ने यहां कहा कि पुलिस विवेचना में कमजोर हो रही है। आज भी तफ्तीश में वही पुराने तरीके अपनाए जा रहे हैं जो वर्षों पहले थे। लिहाजा जरूरत वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने की है। किसी भी घटना पर क्राइम सीन को सुरक्षित करना बहुत जरूरी है। क्योंकि जहां भी अपराध होता है वहां क्रिमिनल कोई न कोई ऐसा साक्ष्य छोड़ देते हैं जिससे वारदात का खुलासा आसान हो जाता है। इसके लिए जरूरी है कि क्राइम सीन को पूरी तसल्ली के साथ चेक किया जाए। यहां उन्होंने ट्रेनी डिप्टी एसपी को बताया कि आज पुलिस और पब्लिक के बीच जो दूरी बन रही है वह बेहद खराब है। हमें जनता से ऐसा रिश्ता कायम करना चाहिए जो कोई भी पीड़ित बिना हिचक थाने पर आकर अपनी बात कह सके। घटनाओं की जानकारी भी पुलिस को तभी मिलेगी। यहां पुलिस अकादमी के डायरेक्टर नासिर कमाल ने कहा कि आज सबसे बड़ी जरूरत पुलिस अफसरों को अपडेट होने की है। आमतौर पर देखा जाता है कि ट्रेनिंग के बाद अधिकारी जब फील्ड में पहुंच जाते हैं तो वह खुद को केवल ड्यूटी तक सीमित कर लेते हैं। नए कानून और नई विधाओं के बारे में जानने की कोशिश ही नहीं करते। इस दौरान डीआईजी दीपक शर्मा के साथ अकादमी के सभी अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन



विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें