मुरादाबाद। स्लाटर हाउस के लिए नगर निगम ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में अर्जी दी है। बोर्ड की एनओसी के बाद ही स्लाटर हाउस तैयार किया जा सकता है। हाईकोर्ट के आदेश पर नगर निगम पुराने स्लाटर हाउस को बंद कर चुका है।
असालतपुरा में चल रहा स्लाटर हाउस शहर के बीचोंबीच आ चुका था। बीच शहर स्लाटर हाउस होने की वजह से लोग दुर्गंध से बेहाल थे। पशुआें का खून और अवशेष नालों में बहा दिए जाते थे, जिसकी वजह से आसपास की पूरी आबादी परेशान थी। स्लाटर हाउस को बंद कराने के लिए हाईकोर्ट में याचिका भी दाखिल की गई थी। हाईकोर्ट के आदेश पर 31 दिसंबर को नगर निगम ने स्लाटर हाउस बंद कर दिया था। अब नगर निगम पर जल्द से जल्द नया स्लाटर हाउस चालू करने का दबाव है। जिसके लिए नगर निगम ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। नगर निगम की ओर से मुख्य कर निर्धारण अधिकारी ने शुल्क जमा करते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में एनओसी के लिए अर्जी दे दी है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जांच पड़ताल के बाद इस पर एनओसी देने या नहीं देने का फैसला लेगा। फिलहाल नगर निगम ने बाउंड्री कराने का काम शुरू कर दिया है।े