मुरादाबाद। वार्कई दूध में दम नहीं बचा। पहले क्रीम निकाली जाती है और फिर पानी मिला रहे हैं। अब जरा सोचिए कि क्या मिल रहा है लोगों को। गर्म होने पर पतली सी मलाई आती है। ऐसा नहीं है कि जिम्मेदार विभाग के लोग इससे वाकिफ नहीं हैं। सब जानते हैं लेकिन फिर भी खामोशी की चादर ओढ़कर सो रहे हैं।
दूध में बड़ा ‘खेल’ चल रहा है। पांच सौ से भी ज्यादा दूध विक्रेताओं द्वारा महानगर में दूध की सप्लाई की जा रही है। प्रयोगशाला से जो रिपोर्ट मिल रही हैं उसमें फैट प्रतिशत बेहद कम आ रहे हैं। दूध में जान तो दिख ही नहीं रही। फूड इंसपेक्टरों की मानें तो दूध की क्रीम निकलवाई जा रही है। क्रीम निकालकर पानी मिला दिया जाता है। क्रीम निकालने की मशीनें जगह जगह लगीं हैं। पाकबड़ा, मूंढापांडे, दलपतपुर, अगवानपुर, छजलैट, कांठ, बिलारी, कुंदरकी और भोजपुर क्षेत्रों में यह धंधा खूब चल रहा है। एक-दो बार अभियान चलाकर मशीनों को जब्त भी किया गया मगर कुछ दिनों के बाद फिर खामोशी छा गई।