मुरादाबाद। बेतहाशा घपले घोटालाें को लेकर पहले से बदनाम नगर निगम में अब कूड़े के खेल का खुलासा हुआ है। नगर निगम अफसरों की शह पर डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का काम संभालने वाली कंपनी हरेक घर से पचास रुपये यूजर चार्ज वसूल कर रही है। पब्लिक से यह रकम नगर निगम छपी रसीदों के जरिए उगाही जा रही है। हालांकि यूजर चार्ज के रूप में तीस रुपये प्रति घर वसूल करने का प्रावधान है। लेकिन एसएमएस का एग्रीमेंट खत्म हो चुका है और एकोर्ड को वसूली जनवरी से करनी है, लिहाजा वसूली पूरी तरह अवैध है।
करीब तीन साल पहले जब शहर में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन की नई व्यवस्था लागू की गई थी तब एटूजेड कंपनी को इसका अनुबंध दिया गया था। कंपनी के पास घर - घर से कूड़ा कलेक्शन के साथ कूड़े के ट्रांसपोर्टेशन और उसके वैज्ञानिक विधियों से निस्तारण का भी अनुबंध था। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन की एवज में कंपनी को तीस रुपये प्रति घर यूजर चार्ज वसूल करने का अधिकार नगर निगम बोर्ड ने दिया था। करीब एक साल पहले एटूजेड कंपनी ने कूड़ा कलेक्शन का काम बंद कर दिया। जिसके बाद नगर आयुक्त ने एसएमएस वन, टू और थ्री का गठन कर उसे घरों से कूड़ा कलेक्शन का काम दे दिया। यूजर चार्ज तीस रुपये प्रति घर बरकरार रहा। इस बीच पंद्रह दिन पहले से कंपनी ने कूड़ा कलेक्शन का काम अब एकोर्ड कंपनी को दे दिया। कंपनी ने काम शुरू कर दिया है। लेकिन वसूली 50 रुपये प्रति घर की जा रही है। शनिवार को मानसरोवर कालोनी में एसएमएस और एकोर्ड के कर्मचारियों ने हरेक घर से पचास - पचास रुपये यूजर चार्ज वसूल किया। इनका कहना था कि संजीव चौधरी के आदेश पर यूजर चार्ज बढ़ा दिया गया है। स्थानीय निवासियों ने इन रसीदों के साथ निगम में शिकायत दर्ज कराई है। बहरहाल पूरे मामले में शामिल निगम के नुमाइंदे और अफसर कन्नी काटते नजर आ रहे हैं।
- हमारी ओर से कोई वसूली नहीं की जा रही है और न ही हमें अभी किसी को वसूली करने का अधिकार दिया है। एसएमएस का एग्रीमेंट पिछले महीन ही खत्म हो चुका है। जबकि एकोर्ड कंपनी जनवरी से वसूली शुरू करेगी। घराें से कूड़े का यूजर चार्ज महज तीस रुपये प्रति घर है। यदि अवैध रूप से वसूली की जा रही है तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पब्लिक ऐसे लोगों को यूजर चार्ज न दे। - डा. डीके प्रेमी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी।
नगर निगम की ओर से निर्धारित यूजर चार्ज से अतिरिक्त एक रुपया भी वसूल किया गया है तो हम मामले में कड़ी कार्रवाई करेंगे। यदि पब्लिक पचास रुपये वसूली की रसीदें देती है तो हम उसके आधार पर अनुबंध कैंसिल करने जैसे कड़े कदम उठा सकते हैं। - एसके सिंह, नगर आयुक्त।