मुरादाबाद। सीबीआई की टीम ने बुधवार को लोक निर्माण विभाग में छापामार लेखाधिकारी को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। लेखाधिकारी ने ठेकेदार से बिल पास करने के एवज में रिश्वत मांगी थी। देर शाम सीबीआई लेखाधिकारी को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई। इससे लोनिवि में खलबली मची रही। गुरुवार का उसे सीबीआई कोर्ट में पेश किया जाएगा।
बरेली निवासी नीरज कुमार लाकड़ा महालेखाकार विभाग में लेखाधिकारी है। इन दिनों उसकी नियुक्ति लोनिवि, मुरादाबाद के प्रांतीय खंड में थी। ठेकेदार श्याम लाल ने सीबीआई में शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने सरकारी बंगलों में टूट फूट सही करने का काम किया था। इसका बिल 1.35 लाख रुपये बना। इस बिल को पास करने के एवज में नीरज ने दस हजार की मांग की। रुपये नहीं देने के कारण बिल तीन महीने से लटका रखा था। सीबीआई ने मामले को ट्रैप करना शुरू कर दिया। डील सात हजार में फाइनल हुई। सीबीआई के डिप्टी एसपी एसके पांडे के नेतृत्व में टीम आई। ठेकेदार तयशुदा वक्त पर दोपहर बारह बजे लोनिवि दफ्तर पहुंचा और उसने लेखाधिकारी के केबिन में सात हजार रुपये उसके हाथ में दिए। तभी टीम ने छापा मारकर नीरज को पकड़ लिया। उसके पास से केमिकल लगे नोट बरामद हुए। सीबीआई के छापे से लोनिवि दफ्तर में खलबली मची रही। देर शाम तक छापे की कार्यवाही से संबंधित औपचारिकताएं पूरी कर टीम लौट गई।