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जालसाजों ने यूको बैंक में की वारदात

Tue, 12 Feb 2013 05:31 AM IST
Moradabad
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मुरादाबाद। बीए की छात्रा के बैंक एकाउंट से जालसाजों ने पांच लाख रुपये की रकम गायब कर दी। रकम निकालने के लिए उन्होंने आहरण पर्ची (विड्राल स्लिप) का इस्तेमाल किया। लेकिन बैंक कर्मचारियों ने बिना पासबुक देखे और छात्रा की आइडेंटिटी का कोई सबूत लिए, रकम जारी कर दी। छात्रा के पिता पासबुक में एंट्री कराने पहुंचे तब घटना का पता लगा। इसके बाद उन्होंने बैंक में जमकर हंगामा काटा। थाने में शिकायत की। मामले की जांच शुरू हो गई है।
दीनदयाल नगर निवासी एडवोकेट राजेश कुमार पुत्र तेजराम ने दो साल पहले अपनी बेटी ममीता रानी का एकाउंट यूको बैंक की एकता द्वार शाखा में खुलवाया था। ममीता दयानंद कालेज में बीए तृतीय वर्ष की छात्रा है। पिछले साल राजेश ने बेटी के खाते में चार लाख 97 हजार रुपये और जमा किए। चार जनवरी को ममीता ने फीस के लिए एकाउंट से 6000 रुपये निकाले थे। नौ फरवरी को राजेश पासबुक में एंट्री कराने पहुंचे। तब पता लगा कि एक फरवरी को एकाउंट से पांच लाख रुपये निकाले गए हैं। घर पहुंचकर उन्होंने पूछताछ की तो बेटी ने रकम निकालने से साफ इंकार कर दिया।
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सोमवार को राजेश, बेटी को लेकर बैंक गए और अधिकारियों को जानकारी दी, तब हड़कंप मच गया। कर्मचारियों ने रजिस्टर चेक किए, पर्चियां ढूंढी तो पता लगा कि ममीता रानी के नाम से एक विड्राल स्लिप से रकम निकाली गई थी। स्लिप पर हस्ताक्षर ममीता के दस्तखत से मेल खा रहे थे। लेकिन कैशियर स्लिप के साथ ममीता की कोई आईडी नहीं दिखा पाए। इसके बाद राजेश ने परिजनों और दूसरे वकीलों के साथ जमकर हंगामा काटा। पुलिस को सूचना दी। तफ्तीश के दौरान बैंक अधिकारियों की पुलिस से भी नोकझोंक हुई।
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सीसीटीवी की फुटेज नहीं दिखा पाए अधिकारी
बैंक अधिकारी पुलिस को एक फरवरी की सीसीटीवी फुटेज भी नहीं दिखा पाए। इससे पुलिस को मामले में कई पेंच नजर आ रहे हैं। दरअसल, कैशियर ने छात्रा के हाथ में रकम देने से इंकार किया, लेकिन बैंक के अधिकारी काफी देर बाद छात्रा को ही भुगतान करने की बात कहने लगे। इस पर परिजनों ने एक फरवरी की सीसीटीवी फुटेज दिखाने को कहा। लेकिन बैंक अधिकारियों ने किसी को भी फुटेज नहीं दिखाई।
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बैंक कर्मचारियों की सतर्कता पर सवाल
- हैंड राइटिंग एक्सपर्ट को बुलाने की तैयारी
- बैंक अधिकारियों ने भी शुरू कराई जांच
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। ममीता के एकाउंट नंबर की स्लिप भरकर रकम निकालने वालों ने स्लिप पर हूबहू हस्ताक्षर किए हैं। लेकिन ममीता ने इन हस्ताक्षरों को अपने न होने की बात कही। स्लिप पर भरी गई बाकी डिटेल किसी और व्यक्ति की हैंडराइटिंग में थी। लेकिन पांच लाख रुपये का भुगतान करने वाले कर्मचारियों ने इन बातों पर गौर नहीं किया। यही नहीं, बड़ी रकम देने से पहले खाताधारक की आईडी भी नहीं मांगी। बैंक अधिकारी हैंडराइटिंग एक्सपर्ट बुलाने की तैयारी में हैं।
अमूमन बैंक में 50 हजार रुपये से बड़ी रकम निकालने पर खाताधारक को अपनी आईडी की फोटोकापी देनी होती है। कर्मचारी खाताधारक की पूरी पड़ताल करने के बाद ही रकम जारी करते हैं। लेकिन यूको बैंक में ऐसा कुछ नहीं हुआ। इससे कर्मचारियों की सतर्कता पर तमाम सवाल उठ रहे हैं। परिजनों ने स्लिप देखकर बताया कि खाते की डिटेल भरने के बाद किसी तरह ममीता के दस्तखत बनवाए गए हैं। उन्होंने कर्मचारियों पर ही संलिप्तता के आरोप लगाए।
बैंक मैनेजर एन बाबू ने घटना के बाद कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। उन्होंने बताया कि जांच कराई जा रही है। रकम किसने और कैसे निकाली, यह पता लगाया जा रहा है।
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शादी के लिए जमा की गई थी रकम
मुरादाबाद। बेटी की पढ़ाई पूरी होने वाली थी। लिहाजा पिता अगले साल उसकी शादी के सपने देख रहे थे। इसी वजह से उन्होंने बेटी के खाते में पांच लाख रुपये जमा किए थे। लेकिन किसी ने उनके सपने ही तोड़ दिए। घटना के बाद एडवोकेट बदहवास से अधिकारियों की चौखट पर पहुंचे और कार्रवाई की मांग की।
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एडवोकेट राजेश कुमार ने बताया कि परिवार में तीन बेटियां और एक बेटा है। एक की शादी कर चुके, दूसरी बीए और तीसरी बीकॉम की पढ़ाई कर रही है। बेटा टिमिट से एमसीए कर रहा है। सोचा था, कि अगले साल तक ममीता की भी शादी कर दूं। पिछले साल जो पैसा जोड़ा था, उसी के खाते में जमा कर दिया। ममीता को पैसों की जरूरत होती थी, तो मुझसे मांगती थी।
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