मुरादाबाद। कांशीराम नगर से सटे सीएल गुप्ता बाग को काटकर करीब बीस बीघा जमीन में बसाई जा रही अशोका फार्म कालोनी में भूखंड खरीदने वाले लोगों ने शुक्रवार को कालोनाइजर के खिलाफ प्रदर्शन और नारेबाजी की। इस निर्माणाधीन कालोनी पर बीते दिन एमडीए ने बुलडोजर चलवा दिया था। खुद को ठगा महसूस कर रहे प्लाट स्वामियों ने कालोनाइजर पर धोखाधड़ी और एमडीए पर मिलीभगत का आरोप लगाया है।
अपने भूखंडों की बाउंड्र ध्वस्त होने से आहत लोग शुक्रवार को अशोका फार्म पर जुटे और कालोनाइजर दीपक अग्रवाल के खिलाफ नारेबाजी व प्रदर्शन किया। इस कालोनी में भूखंड खरीदने वाले देवनाथ प्रसाद, लक्ष्मण प्रसाद, जागेश कुमार, लक्ष्मण सैनी, सरिता भाटी, नीलम गुप्ता, कांती देवी, सुनीता कुमारी, अल्पना, सुविधा कुमारी, ऋषिपाल शर्मा आदि का कहना था कि जब उन्होंने भूखंड खरीदे थे तब कालोनाइजर ने उन्हें आश्वस्त किया था कि जमीन साफ सुधरी है और किसी तरह का विवाद एमडीए की ओर से नहीं होगा। इन लोगों का आरोप है कि कालोनाइजर ने कालोनी में पार्क और मंदिर भी बनवाने का वादा किया था। बिजली और पानी की सुविधा भी भूखंड खरीदते समय बताई गई थी। लेकिन कालोनी में न तो पार्क की जमीन छोड़ी गई न मंदिर की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि कर्ज लेकर उन्हाेंने एक घर का सपना देखा था, लेकिन अब एमडीए ने यहां एक ईंट तक नहीं लगाने की हिदायत दी है। निर्माणाधीन घरों की दीवारों पर बुलडोजर चलने से आहत लोगों ने करीब घंटाभर तक यहां कालोनाइजर और एमडीए के खिलाफ हाय- हाय के नारे लगाए। कालोनाइजर दीपक अग्रवाल ने मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत किया।
घटनाक्रम के पीछे भाजपा नेताओं की साजिश : दीपक
मुरादाबाद। कालोनाइजर और व्यापारी दीपक अग्रवाल का कहना है कि अशोका फार्म में सभी भूखंड 100 मीटर से कम के हैं, लिहाजा नियमानुसार उनके नक्शे पास कराने की जरूरत ही नहीं है। कालोनी में सड़कें एमडीए के मानक के मुताबिक ही बनाई गई हैं। बोले, बुलडोजर चलवाने से लेकर प्रदर्शन कराने तक में भाजपा के तीन नेताओं का हाथ है, जो उनसे सियासी रंजिश और ईर्ष्या रखते हैं। भाजपा नेताओं ने ही अपने एक पाषर्द को साजिश के तहत अशोका फार्म भेजकर प्लाट स्वामियाें को भड़काने की कोशिश की। जबकि ये तीनों नेता खुद गलत कार्यों में लिप्त हैं। खरीददारों को कोई समस्या नहीं होगी जो भी दिक्कत है एमडीए अधिकारियों से वार्ता कर निपटा दी जाएगी।