मुरादाबाद। महानगर के एक निजी अस्पताल के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन की त्यौरी चढ़ गई है। गलत इलाज और मनमानी धन वसूली का आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन को पत्र देकर जांच की मांग की गई है। प्रशासनिक कार्रवाई न होने पर अस्पताल परिसर में तंबू गाड़कर भाकियू ने आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।
भारतीय किसान यूनियन के वरिष्ठ प्रांतीय उपाध्यक्ष और राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य चौ. हरपाल सिंह की अगुवई में हुई पंचायत में उक्त अस्पताल के खिलाफ आंदोलन की रूपरेखा तय की गई। बताया गया कि प्रांतीय उपाध्यक्ष के 25 वर्षीय पुत्र रिषभ चौधरी को तबीयत खराब होने पर 12 नवंबर को उक्त अस्पताल में भरती कराया गया था जहां बराबर तबीयत में सुधार बताया जाता रहा किंतु पुत्र ठीक नहीं हो पा रहा था। एक रिश्तेदार की सलाह पर 24 नवंबर को वह दिल्ली के एक लीवर इंस्टीट्यूट में पुत्र को ले गए जहां चिकित्सकों ने पूर्व में हुए इलाज को गलत बताया और नए सिरे से जांच कर इलाज शुरू किया जिसके बाद पुत्र का स्वास्थ्य सुधरा और अब घर आ गया है। अस्पताल ने दिल्ली के लिए एंबुलेंस का 13 हजार किराया भी लिया। आरोप लगाया कि उक्त अस्पताल में किसान-मजदूरों का इलाज के नाम पर शोषण किया जा रहा है। इस बावत डीएम को पत्र देकर जांच की मांग की गई है। 12 दिसंबर से अस्पताल के खिलाफ भाकियू आंदोलन छेड़ेगी। पंचायत में नौ सिंह, महका सिंह, जगदेव सिंह, यशपाल सिंह, ऋषिपाल सिंह आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।