मुरादाबाद। लाइनमैन की मौत के बाद जिला अस्पताल में हुए बवाल पर सरकारी डाक्टरों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। डाक्टरों का कहना है कि जिला प्रशासन के अफसरों की मौजूदगी में जो हुआ वह बेहद शर्मनाक है।
रात में बवाल के बाद करीब दो बजे जिला अस्पताल की इमरजेंसी चालू हो सकी। बुधवार को डाक्टरों ने बैठक कर रात के घटनाक्रम पर नाराजगी जताई। डाक्टरों ने कहा जिस वक्त इमरजेंसी में तोड़फोड़ की गई। उस वक्त अस्पताल परिसर में पुलिस व प्रशासनिक अफसर मौजूद थे। इसके बावजूद तोड़फोड़ करने वालों को रोका नहीं गया। किसी भी आक्रोश का निशाना बस अस्पताल ही बनता है। डाक्टरों में सुरक्षा का माहौल खत्म हो रहा है। पहले भी मारपीट के मामलों में पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। ऐेसे माहौल में काम करना मुश्किल है। डाक्टरों ने कार्रवाई की मांग उठाते हुए कहा कि बृहस्पतिवार को आगे की रणनीति तय की जाएगी। इस मौके पर पीएमएस के जिलाध्यक्ष डा. आरडी तिवारी, चिकित्साधीक्षक डा. वीर सिंह, डा. ओपी सिंह, डा. शिव सिंह, डा. डीएस अहलावत, डा. एनके मिश्रा मौजूद थे।