मुरादाबाद। शराब कारोबारी पोंटी चड्ढा की कृपा पर मुरादाबाद के तमाम परिवार थे। उन्होंने सैकड़ों लोगों की ‘खामोश मददगार’ बनकर हेल्प की। साहूकार के पास गिरवी मकान छुड़वाए। अपने एक कर्मचारी को मकान बनवाने के लिए दस लाख रुपये भी दिए थे। गरीब बेटियों की शादी में भी मदद करते थे। पोंटी की मौत के बाद आज यह सभी परिवार बेचैन हैं।
भले ही पोंटी चड्ढा का परिवार वर्षों पहले दिल्ली में जा बसा था लेकिन शहर से इनका लगाव बना रहा। तमाम गरीब लोगों की मदद भी की। कई गंभीर रोगियों का दिल्ली के बड़े अस्पतालों में अपने खर्च से इलाज कराया। बताया जाता है कि उनके परिचितों में एक व्यक्ति की आर्थिक स्थिति जब लड़खड़ाई तो उन्हें अपना मकान साहूकार के पास गिरवी रखना पड़ गया। किसी तरह से पोंटी को जानकारी हुई। पोंटी चड्ढा ने तत्काल साहूकार को पैसे भेजकर मकान मुक्त कराया था। उनसे जुड़े लोगों का कहना है कि कई परिवार तो ऐसे हैं जो कभी इस ग्रुप में काम करते थे और उनके साथ कोई दुर्घटना हो गई थी। आज उनके घरों का चूल्हा पोंटी की बदौलत ही चलता है। एक जिस कर्मचारी का हाथ कट गया था उसे घर बैठे तनख्वाह दी जा रही है। शहर में ही ऐसे परिवारों की संख्या सैकड़ों होगी जिसकी मदद पोंटी ने की थी।