मुरादाबाद। आने वाले दिनों में डालर की कमजोरी को देखते हुए एक्सपोर्टर्स का ध्यान फारवर्ड बुकिंग पर है। पिछले कुछ दिनाें में डालर मजबूती पकड़ने के बाद नीचे की ओर आ रहा है। ऐसे में अपने लाभ को बनाए रखने के लिए निर्यातकों ने नए नए रास्ते खोजने शुरू कर दिए हैं।
डालर के मजबूती पकड़ने पर देश की अर्थव्यवस्था पर सीधा असर पड़ता है। महंगाई भी बढ़ने लगती है। ऐसे में डालर के मुकाबले में रुपये को बनाए रखने के लिए आरबीआई, वित्त मंत्रालय और सरकार भी जुट जाती है। पिछले सप्ताह तक डालर रुपये के सापेक्ष काफी मजबूती से आगे बढ़ रहा था। लेकिन सरकार के प्रयास से इन दिनों रुपये की स्थिति सुधर रही है। ऐसे में आने वाले दिनों डालर कमजोर होगा। ऐसे में निर्यात करने वालों का मुनाफा नीचे की ओर आएगा। इसे देखते हुए अपने मुनाफे का स्तर बनाए रखने के लिए निर्यातकों का ध्यान फारवर्ड बुकिंग पर है। एक्सपोर्ट एसोसिएशन के सचिव सतपाल ने बताया कि फरवरी में डालर का प्रीमियम 65 पैसे, मार्च में 85 पैसे और अप्रैल में एक रुपये 11 पैसे था। जिसके देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले दिनों डालर कमजोर होगा। निर्यातकों का सलाह दी जा रही है कि वे आने वाले दिनों में फारवर्ड बुकिंग करा लें। जिससे उन्हें घाटे की स्थिति का सामना न करना पड़े।
क्या है फारवर्ड बुकिंग
देश से बाहर माल बाहर भेजने पर भुगतान डालर के मुकाबले रुपये की कीमत पर किया जाता है। भुगतान के समय डालर के मुकाबले रुपये का जो भी स्तर हो उसी पर भुगतान होता है। डालर की गिरती स्थिति को देखते हुए किसी भी दिन प्रीमियम की बुकिंग कराई जाती है। इसके बाद माल जिस दिन भी भेजा जाए भुगतान बुकिंग वाले दिन डालर के प्रीमियम के अनुसार होता है।