मुरादाबाद। एक और अनोखा घोटाला अपने शहर में होने जा रहा है। कागजी कसरत पूरी हो चुकी है...अफसर तैनात हैं बस इंतजार है पहली नवंबर का। निजी कार्यक्रम में शामिल होने आ रहे यूपी सरकार के मंत्रियों के इस्तकबाल पर लाखों रुपये अतिरिक्त खर्च होंगे। यह खर्च उठाने के लिए प्रशासन ने मालदार विभागों का एक गोपनीय पूल बनाया है। यानी जो भी खर्च होगा वह पूल में शामिल विभाग अपनी जेब से खर्च करेंगे। यह खर्च न तो किसी रिकार्ड में होगा और न ही इसके लिए कोई सरकारी बजट मिलेगा। पूल को हिदायत दे दी गई है...पैसा जुटा लें। अब विभाग पैसा कैसे जुटाएंगे यह उनकी जिम्मेदारी।
पहली नवंबर को राज्यमंत्री इकबाल महमूद की भतीजी की शादी में मेहमान बनेंगे बीस से अधिक मंत्री। जमावड़ा ठीक वैसा ही होगा जैसा की जौहर यूनिवर्सिटी के उद्घाटन के मौके पर था। प्रशासन का पिछला अनुभव ही इस कार्यक्रम के लिए भी घबराहट भर रहा है। दरअसल पिछली बार आए मंत्रियों ने तमाम खर्च ऐसे कराए थे जिसको रिकार्ड में नहीं लाया जा सकता था। मसलन बड़े होटलों में रुकना, महंगा खाना, गिफ्ट वगैरह...वगैरह। किसी भी छिछालेदर से बचने के लिए इस बार प्रशासन ने खर्च का इंतजाम कर लिया है। गोपनीय बैठक हुई है जिसमें एक ‘पूल’ बनाया गया है। जितना भी नियम से इतर खर्च होगा उसका भार इसी पूल पर डाला जाएगा। मंगलवार को बाकायदा कलेक्ट्रेट में बैठक करके विभागों पर जिम्मेदारी डाली गई।
अपने अपने मंत्री का खर्च उठाएंगे महकमे
मुरादाबाद। बीस से ज्यादा मंत्री एक नवंबर को पहुंचेंगे। हालांकि प्रोग्राम सभी का पूरी तरह से निजी है लेकिन फिर भी सभी महकमे अपने अपने मंत्रियों के स्वागत में लगेंगे। अफसरों ने सभी विभागाध्यक्षों को हिदायत दी है कि वह मंत्रियों का खर्च खुद उठाएं। वह कहां ठहरना चाहते हैं और कौन सी गाड़ी इस्तेमाल करेंगे इसकी जानकारी पहले ही कर ली जाए।
मंत्रियों ने विभागों से लिया था होटल का खर्च
मुरादाबाद। सितंबर माह में भी बीस से ज्यादा मंत्रियों का जमावड़ा लगा था। तब कई मंत्री ऐसे भी थे जो बड़े होटलों में ठहरे। कुछ मंत्रियों ने तो होटल में खाने का खर्च भी विभागीय अफसरों से वसूल लिया था। एक मंत्री द्वारा तहसील वालों को सौंपा गया 1500 रुपये का बिल आज तक चरचा में है।
ऐन वक्त पर मांग ली थी लग्जरी गाड़ियां
मुरादाबाद। कई कैबिनेट मंत्रियों ने अचानक लग्जरी गाड़ियों की डिमांड कर दी थी। प्रशासन ने जो एंबेसडर उपलब्ध कराई थी उसमें चढ़ने से भी इंकार कर दिया था। इससे विभागीय अफसरों के हाथ पांव फूल गए। बाद में आनन फानन में व्यवस्था कराई गई।
विभागों ने होटलों में बुक कराए लग्जरी रूम
मुरादाबाद। हालांकि प्रशासन के पास जो वीआईपी के ठहराव की व्यवस्था है उसमें एक सर्किट है और दूसरा पीडब्लूडी का गेस्ट हाउस। लेकिन मंत्री इनमें रुकना नहीं चाहते थे। पिछले दिनों रामपुर के कार्यक्रम में पहुंचे सोलह मंत्रियों के लिए सर्किट हाउस बुक कराया गया था लेकिन ठहरे केवल पांच ही थे।
इन विभागों से बना पूल
समाज कल्याण
सप्लाई विभाग
नगर निगम
तहसील
प्राधिकरण
परिवहन विभाग