मुरादाबाद। गन्ने की घटतौली रोकने के लिए इलेक्ट्रानिक कांटों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस बार हर चीनी मिल को अपने पच्चीस फीसदी सेंटर कंप्यूटराइज्ड करने होंगे। शासन ने इसके लिए आदेश जारी कर दिया है।
प्रदेश में हर साल 125 चीनी मिलों द्वारा गन्ने की खरीद की जाती है। इस बार भी इन मिलों ने पेराई सत्र के लिए कसरत शुरू कर दी। माना जा रहा है कि दीपावली के बाद से गन्ना खरीद शुरू कर दी जाएगी। हर पेराई सत्र में गन्ना घटतौली गूंजती है। चेकिंग के दौरान भी घटतौली के मामले खूब पकड़े जाते हैं। लेकिन इस बार शासन ने इस पर अंकुश लगाने का प्लान बना लिया है। उपगन्ना आयुक्त वीके शुक्ला ने बताया कि हर मिल को पच्चीस फीसदी सेंटर इलेक्ट्रानिक करने हैं। इन सेंटरों पर जैसे ही गन्ना लदी गाड़ी पहुंचेगी कंप्यूटर से रसीद निकल आएगी। इतना ही नहीं कहां कितना गन्ना पहुंचा इसका पूरा रिकार्ड भी विभाग के पास रहेगा। चीनी मिलों के गेट पर पहले ही इलेक्ट्रानिक कांटे लगाए जा चुके हैं। अब क्रय केंद्रों पर भी यह व्यवस्था की जा रही है।
एक लाख हेक्टेयर रकबा बढ़ा
मुरादाबाद। प्रदेश में इस बार गन्ने का एक लाख हेक्टेयर रकबा बढ़ गया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में बढ़ोत्तरी सबसे ज्यादा है। मुरादाबाद, अमरोहा, बिजनौर, संभल, मेरठ, सहारनपुर, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर और बरेली में खासा इजाफा हुआ है।