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सारे बैरियर लांघकर कलेक्ट्रेट में दाखिल हुए किसान

Tue, 29 May 2012 12:00 PM IST
Moradabad
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मुरादाबाद। नामांकन को लेकर सील था कलेक्ट्रेट। कई जगह लगे थे बैरियर। भारी फोर्स मुस्तैद थी। लेकिन अंबेडकर पार्क से आया काश्तकारों का सैलाब सारी व्यवस्था को ध्वस्त कर गया। भड़के किसान बैरियर लांघकर कलेक्ट्रेट में घुस गए। डीएम आफिस को घेरकर करीब एक घंटे तक पंचायत की गई। यहां अफसरों पर खूब भड़ास निकाली। बाद में हफ्ते भर का अल्टीमेटम देकर पंचायत खत्म कर दी गई।
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बकाया गन्ना मूल्य, लड़खड़ाई बिजली आपूर्ति, गेहूं क्रय केंद्रों पर होने वाली धांधली को मुद्दा बनाकर किसान सड़कों पर उतर आए। अंबेडकर पार्क में इकट्ठा हुए और यहां से दोपहर को ठीक एक बजे जुलूस की शक्ल में चल पड़े। प्रशासन ने जो प्लानिंग की थी उसके मुताबिक कमिश्नरी के पास ही किसानों को रोका जाना था। लेकिन किसानों का गुस्सा देख पुलिस भी पीछे हट गई। हाथों में डंडे पकड़कर चल रहे किसान जोरदार नारेबाजी कर रहे थे। कलेक्ट्रेट के पास लगे बैरियर पर मौजूद सीओ सिविल लाइंस और दूसरे अफसरों ने समझाने की कोशिश की लेकिन नहीं माने। फिर अफसरों ने सोचा कि कलेक्ट्रेट के गेट पर रोक लिया जाएगा। वहीं ज्ञापन भी ले लेंगे। लेकिन यहां भी किसान गेट खुलवाकर भीतर दाखिल हो गए। डीएम आफिस के बाहर पंचायत लगा दी। गूंजने लगा काश्तकारों का लाउडस्पीकर। जिलाध्यक्ष महेंद्र सिंह रंधावा ने कहा कि गन्ने का पेमेंट बकाया है। सरकार के आदेशों के बाद भी भुगतान नहीं हो रहा है। बिजली आपूर्ति की स्थिति यह है कि तीन घंटे भी बत्ती नहीं मिल रही। किसान फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। गेहूं खरीद केंद्रों पर काश्तकारों का उत्पीड़न हो रहा है। खर्च के नाम पर भी कटौती की जा रही है। जिलाधिकारी डा. हरिओम किसानों के बीच पहुंचे और भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं का समाधान करा दिया जाएगा। इस दौरान डा. चरन सिंह, वीरपाल सिंह, रनवीर सिंह, हसन अब्बास, जानकी प्रसाद, भयराज सिंह, मनोज कुमार, महकार सिंह, वीर सिंह, मीना, आशा देवी समेत तमाम लोग रहे।
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