मुरादाबाद। दवाओं के अवैध भंडारण के मामले में विवेक जैन के पिता नरेंद्र जैन को दो घंटे में क्लीन चिट देने की जांच शुरू हो गई है। एफआर लगाने वाले एसआई को कोतवाली के एसएसआई पद से हटा दिया गया है। साल भर बाद मामले की जांच एसपी देहात ने शुरू कर दी है जिससे हड़कंप है।
पिछले साल नौ मार्च को दवा कारोबारी नरेंद्र जैन के घर पर ड्रग महकमे की टीम ने छापा मारा था। नरेंद्र के घर पर टीम ने अड़तीस लाख की दवाओं का अवैध रूप से भंडारण पकड़ा था। टीम ने नरेंद्र को पकड़ कर कोतवाली पुलिस को सौंप दिया था। सोलह मार्च को इस मामले में बड़ा खेल हुआ था। दोपहर में जांच तत्कालीन एसएसआई को हटा एसआई पंकज त्यागी को सौंप दी गई थी। शाम तक इस मामले में पुलिस एफआर लगाते हुए नरेंद्र जैन को क्लीन चिट दे दी थी। अगले दिन एफआर को कोर्ट में दाखिल कर दिया गया था। इसके आधार पर नरेंद्र को जमानत मिल गई थी।
नरेंद्र के पुत्र विवेक जैन पर जब सीबीआई ने पकड़ा तो ये मामला फिर से सुर्खियों में आया। शासन स्तर से भी इस मामले की शुरू कराई गई। एसएसपी ने भी मामले की जांच एसपी देहात को सौंप दी थी। इस मामले में मुख्य आरोपी एसआई पंकज त्यागी इन दिनों कोतवाली के एसएसआई थे। जांच प्रभावित न हो इस लिहाज से त्यागी को एसएसआई पद से हटा दिया गया। फिलहाल उनकी संबद्धता कोतवाली में ही रखी गई है। एसपी देहात अनिल कुमार सिंह ने बताया मामले की जांच शुरू कर दी गई। पूरे केस का अध्ययन किया जा रहा है।