मुरादाबाद। एनआईसी में अफसरों के बीच ‘जंग’ छिड़ गई। महीनों से चल रहा वाक युद्ध अब पुलिस के चिक रजिस्टर में दर्ज हो गया है। इल्जाम लगा है कैमरा चोरी का और नामजद किया गया है एक अधिकारी को ही। सिविल लाइंस थाने में रिपोर्ट दर्ज होते ही हड़कंप मच गया है। पुलिस ने तफ्तीश शुरू कर दी है।
एनआईसी की यह लड़ाई आज की नहीं बल्कि महीनों पुरानी है। अधिकारी यहां दो ही हैं लेकिन दोनों के बीच में हमेशा तनातनी रही। कलेक्ट्रेट के सभी अफसर इससे भली भांति परिचित भी हैं। यह लड़ाई बृहस्पतिवार को उस वक्त जगजाहिर हो गई जब सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज हुआ। मुकदमा लिखाने वाले हैं एनआईसी के तकनीकी निदेशक राकेश गोयल और नामजद किए गए हैं सीनियर वैज्ञानिक नंद किशोर। आरोप एक कैमरा चोरी का है। यह कैमरा एनआईसी से चोरी किया गया है। सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज होने के बाद विवेचना शुरू कर दी गई है। वहीं दोनों अफसरों ने एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगाने शुरू कर दिए हैं।
डुप्लीकेट चाबी बनाकर खोली गई दराज
मुरादाबाद। एनआईसी के तकनीकी निदेशक राकेश गोयल का कहना है कि यह मामला जनवरी का है। लोकवाणी का कैमरा उनकी दराज में रखा हुआ था। जब चुनाव में जिलाधिकारी ने एनआईसी का चार्ज नंद किशोर को दिया था तब कैमरा आफिस में ही थी। उनकी दराज की डुप्लीकेट चाबी बनवाकर कैमरा निकाल लिया गया। वह इसकी रिपोर्ट लखनऊ मुख्यालय को भी भेज चुके हैं। प्रशासन लगातार कैमरे की मांग कर रहा था। प्रशासनिक अफसरों ने भी उनसे कहा था कि वह तत्काल मुकदमा दर्ज कराएं।
घर ले गए होंगे, चोरी की रिपोर्ट लिखा दी
मुरादाबाद। कैमरा चोरी के आरोप में घिरे वैज्ञानिक नंद किशोर का कहना है कि उन्हें तो पता ही नहीं कि कोई कैमरा भी चोरी हुआ है। राकेश गोयल कैमरा अपने घर पर ले गए होंगे और चोरी का मुकदमा लिखवा दिया। राकेश गोयल उनसे तब से चिड़ रहे हैं जब से जिलाधिकारी ने उन्हें एनआईसी की कमान सौंपी थी। तत्कालीन डीएम ने राकेश गोयल की एनआईसी में एंट्री रोक दी थी। चुनाव का पूरा काम उन्होंने ही किया था।
तबादला हो चुका है दोनों का ही
मुरादाबाद। एनआईसी के इन अफसरों का तबादला हो चुका है। एक लखनऊ भेजे गए हैं जबकि दूसरे चंदौली। लेकिन अभी तक दोनों ही अपनी कुर्सियों पर विराजमान हैं। मुरादाबाद एनआईसी का इंचार्ज रामपुर के वैज्ञानिक अधिकारी को बनाया गया है लेकिन अभी तक वह भी चार्ज लेने नहीं पहुंचे हैं।