मुरादाबाद। दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर लगने वाले जाम ने एक बार फिर मुरादाबाद का नाम विदेशियों की नजर में खराब किया है। बड़ी जद्दोजहद के बाद 40 बायर्स को अपने महानगर में लाने की तैयारी की गई थी। वह निकल भी पड़े थे लेकिन ब्रजघाट पर पुल की खराबी के कारण लगने वाले जाम ने उन्हें वापस लौटा दिया। निर्यातक बायर्स के टूर से बड़ी उम्मीद पाले हुए थे। माना जा रहा है कि उनके न आने से करीब पांच करोड़ रुपये के आडर्र नहीं हो सके।
दिल्ली रोड के जाम को निर्यात कारोबार में बड़ा रोड़ा निर्यातक हमेशा से मानते रहे हैं। तमाम बार बायर्स सड़कों की दिक्कत की वजह से यहां तक नहीं पहुंच पाते और मुरादाबाद के निर्यातकों को उतने आर्डर नहीं मिल पाते जितने मिलने चाहिए। फोरलेनिंग के बाद हालत में कुछ सुधार हुए थे और बायर्स फैक्टरियों के टूर पर आने भी लगे हैं। इसी जाम के कारण निर्यातकों ने ही मांग कर हवाई पट्टी का निर्माण कराया था लेकिन उसका लाभ भी नहीं मिल पाया। अब नई मुसीबत ब्रजघाट पर लगने वाले जाम ने पैदा कर दी। बीते एक माह से बड़ी संख्या में विदेशी खरीददार एशिया के दौरे पर थे। ग्रेटर नोएडा में होम एक्सपो, हांगकांग और चीन में लगने वाले गिफ्ट एंड हैंडीक्राफ्ट फेयर में वे खरीद फरोख्त करने के लिए आए थे। इस बीच अंतिम चरण में चीन का फेयर निपटाने के बाद करीब 40 बायर्स का पीतल नगरी के कई निर्यातकों के दफ्तर में आना तय हो गया था। गढ़ मुक्तेश्वर के पास भीषण गर्मी के बीच जाम में फंसे बायर्स शहर की चरमराई हुई यातायात व्यवस्था से बिलबिला उठे। बेहाल होकर वे पीतल नगरी पहुंचने का प्लान ही स्थगित कर दिल्ली लौट गए। वहां से वे विदेश भी चले गए। नजमुल इस्लाम ने कहा कि उनके यहां दो बायर्स का दौरा तय था पर जाम की वजह से दोनों के दोनों लौट गए। अनुप शंखधर और नीरज खन्ना ने भी इस जाम के कारण कारोबार को झटका लगने की बात कही।
बेहतर कारोबार की उम्मीद से निर्यातकों में खुशी थी। लेकिन तीन दिनों तक लगने वाले जाम ने सारे किए धरे पर बुरी तरह पानी फेर दिया। करोड़ों रुपये का घाटा निर्यातकों को उठाना पड़ेगा। निर्यातकों के साथ-साथ सरकारी खजाने को भी मार पहुंची है- अब्दुल अजीम, एक्सपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष
यातायात व्यवस्था का यही हाल रहा तो बायर्स पीतल नगरी पहुंचने से कतराने लगेंगे। इसका खामियाजा सबसे अधिक निर्यातकों को उठाना पड़ेगा-सतपाल, सचिव एक्सपोर्ट एसोसिएशन