मुरादाबाद। एक जरा सी चूक ने दो लाख परिवारों को प्रभावित कर दिया। इन कुनबों को अप्रैल माह का केरोसिन नहीं मिल पाया। डेढ़ सौ से ज्यादा राशन डीलरों तक मिट्टी का तेल पहुंचा ही नहीं था। यह संकट पैदा हुआ तेल आवंटन की गड़बड़ी से। दरअसल गुन्नौर का जो कोटा था वह बदायूं को आवंटित कर दिया गया और मुरादाबाद से कटौती करके भीमनगर को केरोसिन दे दिया गया।
भीमनगर जिला बनने से पहले मुरादाबाद को 3096 केएल केरोसिन आवंटित होता था। लेकिन जब भीमनगर जिला बन गया तो चंदौसी व संभल को 800 केएल मिट्टी का तेल मिलने लगा। अकेले गुन्नौर का कोटा ही 300 केएल था। गुन्नौर वाला कोटा भीमनगर को आवंटित होना चाहिए था लेकिन कहीं गलती हुई और कोटा बदायूं के नाम भेज दिया गया। जबकि चंदौसी, संभल और गुन्नौर के लिए जो मिट्टी का तेल आवंटित किया गया वह मुरादाबाद के हिस्से से काट लिया गया। इससे मुरादाबाद को मिट्टी के तेल का आवंटन कम हो गया। करीब डेढ़ सौ दुकानों तक तो केरोसिन पहुंचा ही नहीं। दो लाख परिवारों को मिट्टी का तेल नहीं मिल सका है। यह लोग कार्ड लेकर डीलर के पास चक्कर लगाते रहे लेकिन तेल नहीं मिला। अकेले कांठ तहसील क्षेत्र में ही पैंतीस सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेताओं को अप्रैल का केरोसिन नहीं मिल पाया था। यहां लोग हर रोज हंगामे कर रहे हैं। शासन से लेकर प्रशासन तक शिकायतें आ रही हैं। दुकानदार तेल न मिलने की बात कर रहे हैं लेकिन कार्ड धारकों का कहना है कि मिट्टी का तेल ब्लैक कर दिया गया है। जिला पूर्ति अधिकारी राजेश कुमार का कहना है कि मई में जो आवंटन आएगा उसमें कोटा अधिक मिलेगा।