मुरादाबाद। खूंखार कुत्तों का आतंक कम होने की बजाए बढ़ता जा रहा है। शहर से लेकर गांव तक इनका आतंक हैं। जहां कुत्तों का झुंड लोगों का अपना शिकार बना रहा है। पिछले दस साल में 95 हजार से अधिक लोगों को कुत्ते काट चुके हैं। ये लोग एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने जिला अस्पताल पहुंचे हैं। बावजूद इसके आवारा कुत्तों को पकड़ने की कवायद नहीं की जा रही है।
आवारा कुत्तों की धरपकड़ और नसबंदी को लेकर जिम्मेदार गंभीर नहीं है। कागजों में होनी वाली कार्रवाई से कुत्तों की आबादी बढ़ती जा रही है। यही वजह है कि शहरी इलाकों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा कुत्तों का झुंड आसानी से दिख जाता है। ये खूंखार कुत्ते हमलावार हो गए हैं। बच्चों से लेकर बड़ों तक को अपना शिकार बनाते हैं। जिला अस्पताल के एआरवी कक्ष इसकी गवाही देती हैं। जहां रोजाना डाग बाइट के केस पहुृंचते हैं। जिला अस्पताल केआंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2010 से सितंबर 2020 तक 95249 लोगों को आवारा कुत्ते निशाना बना चुके हैं। इन लोगों को जिला अस्पताल में एआरवी लगाई गई।
सीएचसी पीएचसी पर पहुंचते है हर महीने 800-900 मरीज
मुरादाबाद। जिला अस्पताल केअलावा जनपद की सीएचसी-पीएचसी पर भी एंटी रैबीज वैक्सीन लगाई जाती है। यहां हर महीने 800 से लेकर 900 मरीज एआरवी लगवाने पहुंचते हैं। ये सभी नए मरीज होते हैं।
जिला अस्पताल केआंकड़े
| वर्ष |
एआरवी केनए मरीज |
| 2010 |
7358 |
| 2011 |
8334 |
| 2012 |
8314 |
| 2013 |
7649 |
| 2014 |
8660 |
| 2015 |
8647 |
| 2016 |
8782 |
| 2017 |
8923 |
| 2018 |
8896 |
| 2019 |
12186 |
| 2020 |
7500 |
नोट: वर्ष 2020 का आंकड़ा सितंबर माह तक का है।