मुरादाबाद। रेलवे ट्रैक पर कब्जा करने वाले किसानों ने अपना दर्द भी बयां किया। किसान बोले, वह मजबूर होकर रेल ट्रैक तक पहुंचे हैं। वह कोई राजनीति करने नहीं आए हैं। शुगर मिल मालिक और गन्ना विभाग ने किसानों की ऐसी हालत बना दी। वह अपना ही पैसा लेने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। पिछले साल का अभी तक भुगतान नहीं किया गया। इस साल भी वह अपना गन्ना मिल में डाल चुके हैं। कर्ज लेकर फसल पाली थी। कर्ज देने वाले तो तगादा कर ही रहे हैं अपने घर का खर्चा भी कर पा रहे। बच्चों की स्कूल फीस जमा हो पाई। भुगतान न होने की वजह से बेटियों की शादी रोकनी पड़ गई।
पिछले साल का भुगतान नहीं हो पाया है। एक लाख से ज्यादा का भुगतान रुका पड़ा है। न मिल वाले सुनते और न ही गन्ना विभाग के अधिकारी हमारा दर्ज समझ पा रहे हैं।
कृष्ण सिंह, लदावली
घर में जो भी जमापूंजी थी। उसे फसल पालने में लगा दिया। अब अपना ही पैसा लेने के लिए चक्कर लगा रहे हैं। गन्ना विभाग मिल मालिकों पर दबाव बनाए तो हमारी रकम निकल जाएंगी।
तेजपाल इस्माइलपुर
केंद्र और प्रदेश की सरकार किसानों से तमाम वायदे को करती हैं। लेकिन उसका असर कोई ध्यान नहीं देता। हमारे गन्ने का भुगतान दिलाया जाए।
सुभाष, दयनाथ पुर
आठ माह से मिल और गन्ना विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन अभी तक बकाया गन्ना भुगतान नहीं किया गया है। भुगतान न होने से घर की आर्थिक हालत बिगड़ गई है।
विजय पाल, गुलड़िया मुराद
पिछले साल का बकाया भुगतान नहीं किया। लेकिन प्रशासन मिल वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। मजबूर होकर हम लोगों को यहां तक आना पड़ा है।
चंद्र बोस फरीदपुर भैंड़ी
दीवान शुगर मिल पर पिछले साल का बारह करोड़ बकाया है। पंद्रह जनवरी तक पिछले साल का बकाया भुगतान किया जाएगा।
डा. सुभाष यादव, जिला गन्ना अधिकारी
पंद्रह जनवरी तक दीवान शुगर मिल से बारह करोड़ रुपये का भुगतान कराने का आश्वासन दिया गया है। अगर पंद्रह जनवरी तक पूरा भुगतान नहीं किया गया तो सोलह जनवरी तो दोबारा ट्रैक जाम किया जाएगा।
चौधरी हरपाल सिंह, राष्ट्रीय अध्यक्ष, भाकियू असली