मुरादाबाद। राज्य सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान ने कहा कि सरकारी सिस्टम के भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए आरटीआई सबसे बड़ा हथियार है। वादी के सूचना मांगे जाने पर विभागीय अधिकारी को सही और निर्धारित अवधि में जवाबदेही तय है। यदि कोई अधिकारी झूठी और समय पर सूचना नहीं देता है तो आयोग की ओर से कार्यवाही सुनिश्चित की जाती है। उन्होंने कहा कि आयोग की संस्तुति पर ही बिजनौर जिले के सुकरो नदी में अवैध खनन मामले में क्षेत्रीय वनाधिकारी समेत तीन कर्मियों को निलंबित किया जा चुका है। तत्कालीन डीएफओ और सेवानिवृत्त उप प्रभागीय वनाधिकारी के खिलाफ भी अनुशासनिक कार्यवाही के आदेश हुए हैं।
राज्य सूचना आयुक्त ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि बिजनौर के पुनीत गोयल ने 25 जुलाई 2017 को नजीबाबाद के सुकरो नदी में अतिक्रमण और अवैध खनन की सूचना मांगी थी। सूचना नहीं मिली तो राज्य सूचना आयोग में अपील दाखिल की। आयुक्त ने कहा कि तत्कालीन वन दारोगा कोमल सिंह, ह्दयेश सिंह और क्षेत्रीय वनाधिकारी वी के गोयल को इस मामले में दोषी मानते तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।