बिलारी। नगर के मंदिर पौड़ाखेड़ा परिसर में चल रहे श्रीमद भागवत महापुराण साप्ताहिक ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन कथाव्यास आचार्य शंभू शरण महाराज ने भगवान के 24 अवतार का सार बताया।
शनिवार दोपहर कथा के सत्र में कथाव्यास ने ब्रह्मा जी के मन द्वारा संसार की सृष्टि में मनू सतरूपा के योगदान का वर्णन किया। कथाव्यास ने भगवान के 24 अवतार का सार बताने के दौरान प्रमुख रूप से भगवान कपिल द्वारा ध्यान कैसे करें, योग कैसे करें, मन की पवित्रता कैसे हो, संसार में रहते हुए लालच, बुराई और ईर्ष्या से कैसे बचा जाए आदि का सुंदर वर्णन किया। कथाव्यास ने अपने देश का नाम राजा भरत के नाम पर भारत वर्ष पड़ने का भी सुंदर तरीके से व्याख्यान किया।