शासन के लक्ष्य के एक साल पहले ही मुरादाबाद सूबे का 11 वां ओडीएफ जिला बन गया है। इसकी घोषणा डीएम ने बृहस्पतिवार को पंचायतीराज राज्यमंत्री को प्रमाण पत्र सौंपकर की। पंचायत सभागार में आयोजित कार्यक्रम में इस बड़े लक्ष्य को समय से पहले प्राप्त करने के लिए मंत्री ने अधिकारियों की टीम को बधाई दी। मुख्यमंत्री के आदेश पर दो अक्तूबर को प्रदेश के सभी जिलों को ओडीएफ करने की तैयारी है।
पंचायतीराज राज्य मंत्री (स्वतंत्रत प्रभार) चौधरी भूपेंद्र सिंह ने कहा कि मुरादाबाद जिले को समय से पहले ओडीएफ करना सराहनीय कार्य है। इसके साथ ही मुरादाबाद सूबे का 11 वां ओडीएफ जिला बन गया है। प्रधानमंत्री ने दो अक्तूबर 2019 तक ओडीएफ करने का लक्ष्य दिया है, जबकि मुख्यमंत्री ने दो अक्तूबर 2018 को ही सूबे के सभी जिलों को ओडीएफ करने का लक्ष्य दिया है। ओडीएफ का यह लक्ष्य ग्राम प्रधानों के सहयोग और अधिकारियों की लगन से पूरा हुआ है।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने कहा कि ओडीएफ के लिए शासन स्तर से लगातार समीक्षा की जाती रही है। जिले की सभी 885 ग्राम पंचायत ओडीएफ हो गईं हैं। अब संयुक्त रूप से रहने वाले परिवारों के लिए 15 हजार शौचालयों की मांग और की गई हैं। उप निदेशक पंचायत महेंद्र सिंह ने कहा कि ओडीएफ केवल शौचालय तक ही सीमित नहीं है। इससे लोगों को स्वच्छ और स्वस्थ समाज की स्थापना करनी है। इस मौके पर शहर विधायक रितेश गुप्ता, कांठ विधायक राजेश कुमार चुन्नू, सीडीओ मृदुल चौधरी, ठाकुरद्वारा की ब्लाक प्रमुख प्रेमलता भी मौजूद रहीं। इस मौके पर ओडीएफ कराने में सहयोग करने वाले ग्राम प्रधानों को पगड़ी पहनाकर और श्ीाल्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया। इससे पहले कठपुतली नृत्य और जादू के खेल ने दर्शकों का मन मोह लिया।
अब चलेगा स्वच्छता का कार्यक्रम
मुरादाबाद। जिला पंचायत राज अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने कहा कि ओडीएफ घोषित हो जाने के बाद भी हमारा लक्ष्य पूरा नहीं हुआ है। इस घोषणा के बाद अब और जिम्मेदारी बढ़ गई है। शौचालय बन जाने के साथ ही यह ध्यान देना है कि लोग इनका प्रयोग भी करें। जिले के ओडीएफ होने के बाद जिले में स्वच्छता अभियान अनवरत चलता रहेगा। इसमें सभी का सहयोग अपेक्षित है। उन्होंने प्रधान और स्वच्छाग्रहियों से आह्वान किया कि स्वच्छता जागरूकता पहल लगातार चलती रहनी चाहिए। स्वच्छता और ओडीएफ का यह माहौल अगली पीढ़ी को सौंपना है।