विश्व आयुर्वेदिक परिषद पदाधिकारियों की शुक्रवार को गोष्ठी हुई। वक्ताओं ने कहा कि हर्बल उत्पादों का आयुर्वेदिक से कोई लेना देना नहीं है। कंपनियां आयुर्वेदिक की आड़ में उत्पादों को बेच रही हैं।
कांठ रोड में आयोजित गोष्ठी में डा. गौरव चौधरी ने कहा कि आधे अधूरे ज्ञान लेकर कुछ लोग आयुर्वेद के नाम से अपनी दुकानें चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद में हर मर्ज का इलाज है। परिषद के सचिव डा. प्रियंकर ने कहा कि हर्बल उत्पाद कंपनियां आयुर्वेद की आड़ में अपने उत्पाद बेच रही हैं। स्पा कल्चर आयुर्वेद के अंग पंचकर्म से एकदम अलग है। डा. एसपी गुप्ता ने कहा कि सोरायसिस को पंचकर्म एवं पथ्य पालन से ठीक किया जा सकता है। प्रांतीय अध्यक्ष डा. संजीव सक्सेना ने कहा कि सोरायसिस में नमक और खट्टे पदार्थ के सेवन से परहेज करना जरूरी है। डा. भाष्कर अग्रवाल ने कहा कि दूध, घी का सेवन त्वचा के लिए लाभकारी है। गोष्ठी में डा. एसपी गुप्ता, डा. मयंक शर्मा, डा. सत्यवीर राजपूत, डा. गौरव चौधरी, डा. संजीव सक्सेना, डा. एसके सक्सेना समेत कई डाक्टर मौजूद रहे।