गोविंद नगर पुल का डिजाइन एक बार फिर बदल गया है। लंबी रस्साकशी के बाद रेलवे ने नगर निगम के मानचित्र को मंजूरी दे दी है। प्रस्तावित पुल पर अब दोपहिया वाहन के साथ थ्री व्हीलर भी चल सकेंगे। गोविंद नगर में पुल बनने से गोविंद नगर के करीब एक लाख लोगों को फायदा मिलेगा।
गोविंदनगर क्षेत्र की एक लाख की आबादी को शहर से जोड़ने के लिए एफओबी की मांग लगातार की जा रही थी। यहां से होकर लोगों को ट्रैक पार करना पड़ता था। गोविंद नगर के 200 से अधिक लोगों की मौत ट्रेन की चपेट में आने से हो चुकी है। नगर निगम यहां थ्री व्हीलर और टू व्हीलर के लिए पुल चाहता था जबकि रेलवे केवल पैदल पार पुल की मंजूरी दे रहा था। रेलवे ने जो पुल मंजूरी किया था उसकी लागत पांच करोड़ रुपये आ रही थी। निगम ने जो डिजाइन बनाया था उसके लिए सात करोड़ रुपये की जरूरत थी। लंबी जद्दोजहद के बाद रेलवे ने निगम के थ्री व्हीलर वाले डिजाइन को मंजूरी दे दी है। अब यह एफओबी 12 फीट चौड़ाई का होगा। रेलवे ट्रैक के ऊपर 49 मीटर लंबाई का यह पुल होगा। रेलवे ने अब इसकी लागत में दो करोड़ की और बढ़ोतरी का अनुमान दर्शाया है, उस पर नगर निगम ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। सांसद सर्वेश कुमार सिंह ने बताया कि महानगर की सबसे बड़ी समस्या गोविंदनगर एफओबी का निर्माण अबकी बार कराकर ही रहुंगा। जल्द ही रेलमंत्री का कार्यक्रम लेकर इसका शिलान्यास कराया जाएगा।
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