मुरादाबाद।
शासन की प्राथमिकता वाला जिला पंचायत प्रांगण में लगा लोक कल्याण मेला अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा की भेंट चढ़ गया। मेला लगवाने के बाद अधिकारियों ने ही इसका रुख नहीं किया। ऐसे में पंचायत भवन सभागार में खाली कुर्सियों के बीच ही सांस्कृतिक कार्यक्रम चलते रहे। मेले में 28 स्टालों पर मात्र साठ लोगों ने ही भ्रमण किया। अधिकारी तीन दिन तक सांसद का समय न मिलने के चलते मेले का उद्घाटन तक नहीं करा सके। स्टालों पर संबंधित विभागों का पर्याप्त स्टाफ भी लगाया गया था। मेले में रखे गए रजिस्टर के अनुसार मात्र 28 लोगों ने ही निरीक्षण किया है। इस सब के बावजूद अधिकारी सांसद से बुधवार को उद्घाटन करा सके। दूसरी उप निदेशक सूचना का कहना है कि अब शनिवार को समापन कार्यक्रम में सांसद और विधायक सहित सभी अधिकारी मौजूद रहेंगे।