मुरादाबाद। प्रदेश सरकार ने मुरादाबाद समेत पांच जनपदों की बिजली व्यवस्था को निजी हाथों में दिए जाने का फैसला लिया। जिसे लेकर मुरादाबाद के बिजली कर्मचारी और अधिकारी विरोध में हैं। मंगलवार को उन्होंने पूरे दिन कार्य बहिष्कार कर विरोध जताया। लेकिन परेशानियां जनता को ही झेलनी पड़ी। सुबह दस बजे से बिजली सप्लाई बंद हो गई। दिन पर लोग गर्मी में बिजली को तरसते रहे। उन्होंने बार बार बिजली दफ्तरों में कॉल की। लेकिन किसी ने कॉल नहीं उठाई। शाम को धरना खत्म होने के बाद ही बिजली सप्लाई शुरू की गई।
दिल्ली रोड, बुद्धि विहार, मझोला, मिलन विहार, खुशहालपुर, कांशीराम नगर, मानसरोवर कालोनी, प्रकाश नगर, प्रेम नगर, राम तलैया में सुबह दस बजे बिजली सप्लाई बंद हो गई थी। जबकि कांठ रोड पर नवीन नगर, अवंतिका कालोनी, रामगंगा विहार, आशियाना कालोनी और हरथला व हिमगिरी कालोनी में ग्यारह बजे के बाद सप्लाई नहीं दी गई। लोगों ने बिजली कर्मचारी व अधिकारियों को कॉल कर उनसे बिजली न आने का कारण पूछा चाहा। लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया।
इनवर्टर भी दे गए जवाब : घंटों बिजली आपूर्ति ठप रहने से इनवर्टर भी जवाब दे गए। शहर में अधिकांश लोगों के घरों में इनवर्टर लगे हैं। बिजली सप्लाई बंद होने का कुछ समय तक तो लोगों को जानकारी नहीं हो पाई। जब इनवर्टर भी जवाब दे गए तो लोग परेशान होने लगे।
अंबेडकर पार्क से निकाली गई बाइक रैली : मुरादाबाद। विद्युत संविदा कर्मचारी समिति के तत्वाधान में सभी संविदा कर्मचारी, मीटर रीडर, कंप्यूटर आपरेटर मंगलवार सुबह अंबेडकर पार्क में एकत्रित हुए। इसके बाद सैकड़ों की संख्या में कर्मचारियों ने अंबेडकर पार्क से लेकर दिल्ली रोड स्थित मुख्य अभियंता कार्यालय तक बाइक रैली निकालकर बिजली व्यवस्था के निजीकरण का विरोध जताया। इसके बाद कर्मचारी धरना स्थल पहुंचे और उन्होंने अपना समर्थन दिया।
हड़ताल पर कर्मचारी, भटकते रहे फरियादी : मुरादाबाद। बिजली कर्मचारियों और अधिकारी मंगलवार को पूर्ण कार्य बहिष्कार पर रहे। जिस कारण बिल जमा करने वाले उपभोक्ता और बिल व मीटरों की गड़बड़ी ठीक कराने की शिकायतें लेकर बिजली दफ्तर पहुंचे फरियादी भटकते नजर आए। भोजपुर से मो. याकूब अपना बिल ठीक कराने के लिए चक्कर की मिलक स्थित बिजली कार्यालय में आए थे। लेकिन उन्हें यहां कोई नहीं मिला। इनके मो. याकूब वापस लौट गए। प्रदीप सिंह निवासी बुद्धि विहार, प्रेम पाल बिल जमा करने गए थे। लेकिन कैश काउंटर बंद होने की वजह से इन्हें भी वापस लौटना पड़ा।
धरनास्थल पर मौजूद रही पुलिस : धरनास्थल पर करीब हजार से ज्यादा कर्मचारी और अधिकारी मौजूद रहे। यहां बवाल या अशांति की आशंका को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। इसके अलावा एलआईयू की टीम भी
इन संगठनों ने दिया समर्थन
- भारतीय किसान यूनियन
- नॉर्दन रेलवे मेंस यूनियन उत्तर रेलवे
- मुरादाबाद विकास प्राधिकरण यूनियन
- पेट्रोलियम टैंकर्स ड्राइवर्स एवं कन्डक्टर यूनियन
- अखिल भारतीय अंबेडकर युवक संघ
- उत्तर प्रदेश सफाई कर्मचारी संघ
- नगर निगम कर्मचारी संघ
- उत्तर प्रदेश डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन
- राज्य कर्मचारी संयुक्त समिति
- एआईयूटीयूसी
- जल कल कर्मचारी यूनियन
- वामपंथी मोर्चा मुरादाबाद
- सामाजिक संगठन