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2025 तक मुरादाबाद को टीबी मुक्त बनाने का आह्वान

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मुरादाबाद। मुरादाबाद जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग अब धर्म गुरुओं की मदद ले रहा है। मंगलवार को अलग-अलग संप्रदाय के धर्म गुरुओं की मौजूदगी में जिला क्षय रोग केंद्र स्थित टाउन हॉल में टीबी की रोकथाम एवं जन जागरूकता अभियान चलाए जाने के लिए संगोष्ठी हुई।
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जिला क्षय रोग अधिकारी डा. दिनेश कुमार प्रेमी ने कहा कि धर्म गुरुओं के संदेशों को उनके समाज के लोग अमल करते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने टीबी उन्मूलन अभियान चलाया है। 2025 तक प्रदेश को टीबी मुक्त बनाना है। डा. प्रेमी ने सामाजिक संगठनों का आह्वान किया कि मुरादाबाद जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए जागरूकता अभियान में भागीदारी निभाएं।

डा. प्रेमी ने कहा कि टीबी लाइलाज नहीं है। दो हफ्ते से अधिक समय तक खांसी के साथ बलगम की शिकायत होने पर जांच कराएं। टीबी का यही शुरुआती लक्षण है। पूरा इलाज कराने से टीबी के वायरस को खत्म किया जा सकता है। मुरादाबाद जिले में तीन सेंटरों में टीबी की निशुल्क जांच और इलाज की सुविधा है।
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लोगों में आई जागरूकता : जिला कार्यक्रम समन्वयक डा. मो जावेद ने कहा कि टीबी उन्मूलन अभियान चलाए जाने से लोगों में जागरूकता आई है। लोग सेंटरों में जांच कराने पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि सेंटरों में चिह्नित अधिकांश रोगी मजदूर तबके और मलिन बस्तियों से हैं। इलाज के साथ मरीजों के लिए प्रोटीन आहार जरूरी है, लेकिन अधिकतर मरीज गरीबी के चलते प्रोटीन आहार नहीं ले पाते हैं। प्रदेश सरकार अब एक अप्रैल से टीबी मरीजों को प्रतिमाह पांच सौ रुपये पौष्टिक आहार भत्ता देने जा रही है।

घर-घर जाएंगे स्वयंसेवक : सीबीसीआई कार्ड के समन्वयक विजय सिंह ने कहा कि उनकी संस्था के स्वयंसेवक घर घर जाकर लोगों को टीबी के बारे में जागरूक करेंगे। किसी व्यक्ति में टीबी के शुरुआती लक्षण मिलने पर उसका इलाज कराएंगे। इस दौरान शहर इमाम सय्यद फतह अली, सरदार गुरविंदर सिंह, पादयरी डैनियल सिंह, मसीह रामदास, राहुल शर्मा, मनोज कुमार, गजेंद्र सिंह समेत कई लोग मौजूद थे। संगोष्ठी का संचालन विजय सिंह और अध्यक्षता पादरी पॉल सारस्वत ने की।
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