फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मानकों में फंसी पालीटेक्निक की सीटें

विज्ञापन
विज्ञापन
मुरादाबाद।
विज्ञापन

मूलभूत व्यवस्थाओं की अनदेखी करना प्राविधिक शिक्षा विभाग को भारी पड़ गया है। मूलभूत सुविधाओं समेत विभिन्न मानकों पर खरा न उतरने पर आल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजूकेशन (एआईसीटीई) ने पालीटेक्निक कालेजों की सीटों में कटौती कर दी है। अपना पक्ष रखने के लिए प्रधानाचार्य कानपुर में होने वाली बैठक में भाग लेने के लिए रवाना हैं। उनका कहना है कि सीटें बहाल हो जाएंगी।
विज्ञापन

राजकीय पालीटेक्निक में कुल 30 और राजकीय महिला पालीटेक्निक में करीब 90 सीट कम हो जाएंगी। हालांकि दोनों संस्थानों ने एआईसीटीई के इस फैसले के खिलाफ प्राविधिक शिक्षा निदेशालय में अपील की है। बताया जाता है कि एआईसीटीई की ओर से जारी आदेश के मुताबिक इन संस्थानों में पर्याप्त शिक्षक, प्रयोगशाला, पुस्तकालय व मूलभूत सुविधाओं की कमी है। राजकीय पालीटेक्निक के प्रधानाचार्य तजम्मुल अफजाल ने बताया कि सभी विषयों में कुल 30 सीट कम हो रही हैं। मानकों को पूरा कर लिया है। पुस्तकालय का मानक चार सौ स्क्वायर मीटर होना चाहिए। किताबें सभी विषयों के हिसाब से होनी चाहिए। छह छात्रों पर एक कंप्यूटर होना अनिवार्य है। 50 कंप्यूटर हैं। अतिरिक्त की निदेशालय स्तर पर खरीद हो रही है। वहीं अतिरिक्त कार्यशाला एक हजार स्क्वायर मीटर की होनी चाहिए। इसके लिए नक्शे आदि ले जा रहे हैं। राजकीय महिला पालीटेक्निक के प्रधानाचार्य राजन सिंह ने बताया कि 180 में से अब 90 सीट रह गई हैं। पुस्तकालय के लिए तीन सौ स्क्वायर मीटर की जगह होनी चाहिए, जो 170 स्क्वायर मीटर है। इसे पूरा करने के लिए जिला योजना में प्रस्ताव दिया है। कक्षाओं की संख्या भी बढ़ाई गई है। 24-25 जनवरी को कानपुर में प्रधानाचार्यों की बैठक है। उसके बाद सीट बहाल हो जाएंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें