मुरादाबाद की बहू प्रियंका गांधी को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का राष्ट्रीय महासचिव और पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाए जाने से कांग्रेसियों ने जमकर जश्न मनाया। प्रियंका की ताजपोशी की घोषणा होते ही कार्यकर्ता जश्न में डूब गए। महानगर एवं जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालयों में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने मिठाइयां बांटकर खुशी मनाई। कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी की।
महानगर कार्यालय में दोपहर तीन बजे महानगर अध्यक्ष अनुभव मेहरोत्रा के नेतृत्व में एकजुट हुए। कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे का मुंह मीठा कर जश्न मनाया। महानगर अध्यक्ष ने कहा कि देश की जनता को सालों से प्रियंका का इंतजार था। प्रियंका के सक्रिय राजनीति में उतरने ही युवाओं में जबर्दस्त उत्साह है। इससे भाजपा की बौखला गई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस यूपी में 80 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी और रिकार्ड मतों से जीतेगी। वरिष्ठ कांग्रेस आनंद मोहन गुप्ता ने कहा कि प्रियंका गांधी के सक्रिय राजनीति में आने से कांग्रेस में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। उत्तर प्रदेश ही नहीं देश में लोकसभा चुनाव में इसका असर दिखेगा और भाजपा का सफाया होगा। जश्न में इमामद्दीन, जमाल, अनिल गुर्जर, कबीर अहमद, कासिम खान, अरविंद कुमार, शादाब अंसारी, शकील अहमद और जुनैद समेत दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
जिला कार्यालय में भी अपराह्न चार बजे जोरदार जश्न मनाया गया। कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी कर होली से पहले ही दीवाली मनाई। जिलाध्यक्ष डा. एपी सिंह ने कहा कि प्रियंका के सक्रिय राजनीति में कूदने से लोकसभा चुनाव एकतरफा हो गया है। कार्यकर्ताओं ही नहीं आम जनता में उत्साह है। कांग्रेस की लड़ाई अब सिर्फ भाजपा से है। उन्होंने कहा कि देश की जनता प्रियंका गांधी में उनकी दादी इंदिरा गांधी की परछाई देखती है। प्रियंका के नाम की घोषणा से भाजपा की बेचैनी बढ़ गई है। पूर्व विधायक फूल कुंवर, विनोद गुंबर, किरण तोमर, राकेश, अनिल शर्मा, महबूब अली, आफताब चौधरी, शीशपाल जाटव समेत दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस विधि, विचार, व्यापार, आरटीआई, यूथ, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ता ने भी पार्टी कार्यालयों में आतिशबाजी कर जश्न मनाया।
प्रियंका की ताजपोशी पर क्या कहते हैं नेता
- बसपा और सपा का मजबूत गठबंधन है। उत्तर प्रदेश में गंठबंधन को चुनौती देना भाजपा और कांग्रेस के लिए नामुमकिन है। इसलिए कांग्रेस या भाजपा में किसी के आने एवं जाने से गठबंधन पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उत्तर प्रदेश की सभी लोकसभा सीटों पर गठबंधन के प्रत्याशी रिकार्ड मतों से जीत कर इतिहास बनाएंगे और बहन मायावती देश की प्रधानमंत्री बनेंगी। - गुलाब सिंह, जिलाध्यक्ष बसपा
- प्रियंका गांधी जी का सक्रिय राजनीति में स्वागत करते हैं। प्रियंका गांधी को पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाए जाने से सपा और बसपा के गठबंधन को कोई फर्क नहीं पड़ेगा। गठबंधन लोकसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता से बेदखल करने के लिए किया गया है। - हाजी मन्नू कुरैशी, महानगर अध्यक्ष सपा
- प्रियंका गांधी की सक्रिय राजनीति में ताजपोशी से भारतीय राजनीति परिदृश्य में बड़ा बदलाव आएगा। प्रियंका युवाओं की पसंद है। उत्तर प्रदेश से भाजपा की विदाई तय हो गई है। इतिहास में पहली बार उत्तर प्रदेश की कमान दो राष्ट्रीय महासचिवों (प्रियंका गांधी और ज्योतिरादित्य सिंधिया) को सौंपी गई है। इससे कार्यकर्ताओं में उत्साह और जोश बढ़ा है। - डा. एपी सिंह, जिलाध्यक्ष कांग्रेस
- प्रियंका गांधी के सक्रिय राजनीति में आने का देश की जनता को बेसब्री से इंतजार था। प्रियंका की राजनीति की शुरुआत यूपी से हुई है। उनकी ताजपोशी से यूपी ही नहीं देश में असर होगा। कांग्रेस अपने दम पर भाजपा को सत्ता से बाहर करेगी। - अनुभव मेहरोत्रा, महानगर अध्यक्ष कांग्रेस