एम्स प्रवेश परीक्षा देने की योजना बना रहे अभ्यर्थियों के लिए इस बार सहूलियत भरी खबर है। इस बार फार्म दो चरणों में भरे जाएंगे, ताकि उन्हें परीक्षा फार्म भरने में हुई गलती की वजह से मायूस न होना पड़े। अधिकारियों के अनुसार गलती होने पर अभ्यर्थियों को ई-मेल और संदेश के माध्यम से सुधार के लिए अवगत भी कराया जाएगा।
एम्स (आल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस) नई दिल्ली समेत देश के 14 अन्य एम्स (भठिंडा, भोपाल, भुवनेश्वर, देवगढ़, गोरखपुर, जोधपुर, कल्यानी, मंगलागिरी, नागपुर, पटना, रायपुर, रायबरेली, ऋषिकेश, तेलंगाना) के लिए 30 नवंबर से तीन जनवरी मूल जानकारी भरने के लिए आनलाइन आवेदन मांगे गए हैं। छात्र कल्याण निदेशक टीएमयू एमपी सिंह ने बताया कि सबसे बड़ी बात है कि इस वर्ष सात के बजाय 15 एम्स के लिए परीक्षा फार्म मांगे गए हैं। इससे भी बड़ी बात यह है कि नए आठ में से दो एम्स यूपी में रायबरेली और गोरखपुर में खुल गए हैं।
इस बार पूरा विवरण एक साथ भरने के बजाय तीन जनवरी तक अभ्यर्थी अपना नाम, अभिभावकों का नाम, निवास स्थान और शैक्षिक जानकारी भरेंगे। यदि इसमें कोई गलती हो जाती है तो सुधार के लिए आठ से 18 जनवरी तक का समय दिया गया है। इसके बाद 22 जनवरी तक फार्म की स्वीकृति और अस्वीकृति की जानकारी मिल जाएगी। बेसिक जानकारी स्वीकृत होने वाले अभ्यर्थी दूसरे चरण में 29 जनवरी से 17 फरवरी तक अपना परीक्षा शुल्क और परीक्षा केंद्र की जानकारी भरेंगे। पंजीकरण को अंतिम रूप 21 फरवरी से 12 मार्च तक दिया जा सकता है। उन्होंने बताया कि एम्स की परीक्षा 25 और 26 मई को दो पालियों में होगी। पहली पाली सुबह नौ बजे से 12:30 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर तीन बजे से शाम साढ़े छह बजे तक होगी।