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गन्ना मूल्य के निर्धारण पर आमने-सामने सरकार और किसान

Sat, 17 Nov 2018 02:11 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
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गन्ना लदी ट्रॉली
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गन्ना मूल्य निर्धारण पर अब गन्ना किसानों ने सरकार का विरोध करने का निर्णय लिया है। शासन ने गन्ना मूल्य में दस रुपये क्विंटल बनाने की सिफारिश की है, जबकि किसान 125 रुपये बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। सरकार को चुनावी सीजन में किसानों की नाराजगी भारी पड़ सकती है।
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प्रदेश सरकार ने गन्ना मूल्य में दस रुपये क्विंटल की बढ़ोतरी करने का निर्णय किया है। पिछले सप्ताह मूल्य निर्धारण समिति ने किसानों और मिल प्रबंधन समिति से विचार किया था। चीनी मिल प्रबंधन ने गन्ना मूल्य बढ़ाने का विरोध किया था, जबकि किसान 125 रुपये क्विंटल बढ़ाकर गन्ना मूल्य 440 रुपये क्विंटल करने की मांग की थी। ऐसे में सरकार ने दस रुपये बढ़ाने का निर्णय लिया है।

भकियू असली के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह का कहना है कि सरकार ने डीएपी पर 800 रुपये क्विंटल और एनपीके पर 750 रुपये क्विंटल की बढ़ोतरी की है। बिजली बिल 60 रुपये से बढ़कर 200 रुपये हार्स पावर हो गए हैं। डीजल 40 रुपये से बढ़कर 74 रुपये लीटर हो गया है। ऐसे में फसलों की लागत बढ़ गई है।
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शाहजहांपुर गन्ना शोध संस्थान के अनुसार गन्ने की लागत 290 रुपसे क्विंटल आ रही है। स्वामीनाथन रिपोर्ट और प्रधानमंत्री की घोषणा के अनुसार गन्ना मूल्य 440 रुपये क्विंटल होना चाहिए।

किसान नेता नीटू चौहान ने बताया कि हम सरकार के सामने गन्ना मूल्य पर अपना प्रत्यावेदन देंगे। उसका संज्ञान न लेने पर सरकार का विरोध किया जाएगा। चुनावी साल में सरकार को किसानों की नाराजगी भारी पड़ेगी। यह किसानों का शोषण है। 290 रुपये क्विंटल की लागत लगाकर किसान 315 रुपये क्विंटल में गन्ना बिक्री करेगा तो क्या खाएगा। किसान का पूरा परिवार सर्दी-गर्मी में खेती में लगा रहता है।
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